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लातेहार: तुबेद कोल खान परियोजना के विस्थापितों को लिए बैठक

Latehar: उपायुक्त गरिमा सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में तुबेद कोयला खान परियोजना के विस्थापितों के लिए गठित पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन समिति की बैठक हुई. बैठक में कार्यपालक निदेशक (खनन) अमीतांजन नंदी एवं महाप्रबंधक (खनन) अरबिन्द कुमार ठाकुर ने उपायुक्त को बताया कि दामोदर घाटी निगम को भारत सरकार के द्वारा वर्ष 1948 में कानून पारित कर छोटानागपुर क्षेत्र एवं पश्चिम बंगाल के विस्तृत क्षेत्र में दामोदर नदी से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति पर नियंत्रण तथा विद्युत उत्पादन के लिए स्थापित किया गया. उन्होंने डीवीसी के द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं तुबेद कोयला खान के खनन विकास के संबंध में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पूर्व में तुबेद कोयला खान परियोजना के विस्थापितों के लिए एक बैठक आयोजित की गई थी. सर्वसम्मति से इसे अंतिम रूप दिया गया था. लेकिन वर्तमान में तुबेद कोयला खान परियोजना की पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन नीति के कडिका-4 के अनुसूची-II(1) में कुछ संशोधन की आवश्यकता है. ज्ञात हो कि कंडिका-4 के अनुसूची-II (I) में संशोधित नीति के अलावा पूर्व में आयोजित तुबेद कोयला खान परियोजना के विस्थापितों के लिए गठित पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन समिति नीति यथावत रहेगी. बैठक में अनुपरिवार को लेकर सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि अनुपरिवार को पृथक मानते हुए वैसे रैयत जो स्वेच्छापूर्वक आर एंड आर कॉलोनी में घर अथवा मकान नहीं प्राप्त करना चाहते हैं उन्हे पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन नीति के तहत प्रति एक अनुपरिवार को 12 लाख रुपये का लाभ मूल रैयत के साथ-साथ अतिरिक्त रूप से अनुपरिवार को भी दिया जाएगा. इसे भी पढ़ें - महिला">https://lagatar.in/if-police-failed-to-solve-doctors-murder-case-then-investigation-was-handed-over-to-cbi-mamata/">महिला

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