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झारखंड चैंबर की लैंड रिफॉर्म्स उप समिति की बैठक

 
Ranchi: झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स की लैंड रिफॉर्म्स उप समिति की बैठक शनिवार को चैंबर भवन में संपन्न हुई. बैठक में एसपीटी एक्ट और खासमहल भूमि की समीक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित कमेटी पर विस्तृत चर्चा की गई. इस दौरान समिति के चेयरमैन रमेश साहू ने कहा कि इस कमेटी में झारखंड चैंबर का प्रतिनिधित्व अनिवार्य होना चाहिए, ताकि व्यापारिक हितों की रक्षा की जा सके. साथ ही, उन्होंने दुमका बार काउंसिल से एक विशेषज्ञ अधिवक्ता को भी समिति में शामिल करने की मांग की.

45 दिनों में खासमहल कानून पर निर्णय संभव

बैठक में बताया गया कि झारखंड सरकार के भू-राजस्व मंत्री ने खासमहल कानून की समीक्षा कर 45 दिनों के भीतर समाधान निकालने के लिए एक समिति का गठन किया है. बैठक में यह मांग उठी कि प्रभावित जिलों से 5-5 सामान्य नागरिकों और स्थानीय जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों को भी इस समिति में शामिल किया जाए. चैंबर के सदस्यों ने चिंता जताई कि एसपीटी एक्ट और खासमहल कानून के कारण राज्य में नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा उद्योगों के विस्तार में गंभीर बाधा आ रही है. उप समिति चेयरमैन रमेश साहू ने कहा, जब ये कानून बने थे, तब ब्रिटिश शासन था और औद्योगीकरण का दौर नहीं था. लेकिन आज की परिस्थितियां बदल चुकी हैं. झारखंड की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए औद्योगीकरण आवश्यक है, लेकिन ये कानून निवेशकों और व्यापारियों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं.

गैर-मजरुआ जमीन का निबंधन व रसीद निर्गत करने की मांग

बैठक में गैर-मजरुआ खास भूमि की जमाबंदी, निबंधन और लगान रसीद निर्गत करने की समस्याओं पर भी चर्चा हुई. सदस्य रमेश अग्रवाल ने बताया किविभागीय पत्रांक 06/भूमि का नियमितीकरण-89/2020/704 के तहत अंचल अधिकारियों को गैर-मजरुआ भूमि की दाखिल-खारिज और ऑनलाइन रसीद निर्गत करने का निर्देश दिया गया था. बावजूद इसके, आज भी यह प्रक्रिया ठप पड़ी है, जिससे उद्योग धंधे प्रभावित हो रहे हैं. समिति ने इस मुद्दे पर विभाग को पत्राचार करने का निर्णय लिया और सभी गैर-मजरुआ भूमि की रसीद निर्गत करने की मांग की. बैठक में उप समिति चेयरमैन रमेश साहू, सदस्य राजीव प्रकाश चौधरी, प्रकाश साहू, रमेश अग्रवाल, विजय कुमार महतो, राजेश साहू, अधिवक्ता मितुल कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे. बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि झारखंड में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए एसपीटी एक्ट, खासमहल कानून और गैर-मजरुआ भूमि से संबंधित नियमों में व्यापक सुधार की आवश्यकता है. इसे भी पढ़ें – वायुसेना">https://lagatar.in/air-force-gets-good-news-american-company-is-going-to-give-the-first-engine-for-tejas/">वायुसेना

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