Hazaribagh : झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार सोमवार से मध्यस्थता अभियान को लेकर चलाए जा रहे मन का मिलन पखवाड़ा कार्यक्रम का शुभारंभ हो गया. इस दौरान सिविल कोर्ट स्थित भवन न्याय सदन में मध्यस्थता जागरुकता को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, मध्यस्थ व पुलिस की संयुक्त टीम ने मौखिक तौर पर और वीडियो डिस्प्ले के माध्यम से मध्यस्थता प्रक्रिया के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी. सचिव ने बताया कि मध्यस्थता एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें भाग लेने वाले दोनों पक्षकारों की बातें पूर्णत: गोपनीय रहती है और मध्यस्थता में भाग लेना पूर्णतः पक्षकारों की सहमति पर निर्भर होता है. साथ ही मध्यस्थता के दौरान दोनों पक्ष मिलकर विवाद का समाधान निकालते हैं तथा कोई भी निर्णय एक दूसरे पर बोझिल नहीं होता है. दोनों पक्षों के बीच जीत की स्थिति बनी रहती है. इसे भी पढ़ें :
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इसके साथ ही हजारीबाग जिले के सभी प्रखंडों, न्याय सदन और लीगल क्लिनिक में मध्यस्थता प्रक्रिया से संबंधित एक विशेष अभियान का शुभारंभ हो गया. मध्यस्थता पर आधारित यह विशेष अभियान मन का मिलन पखवाड़ा का आयोजन 14 जून तक चलेगा. हजारीबाग जिले में यह विशेष अभियान की मॉनिटरिंग प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्य प्रकाश सिन्हा कर रहे हैं.सोमवार को जिले के टाटीझरिया प्रखंड में भी मन का मिलन पखवारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें एलएडीसीए के सदस्यों रीना वर्मा और नेहा अंजुम ने लोगों को मध्यस्थता से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई. इसे भी पढ़ें :
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