Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

सीबीआई चीफ चुनने के लिए पीएम आवास पर सोमवार को बैठक,वाईसी मोदी, राकेश अस्थाना, लोकनाथ बेहुरा रेस में

Advertisement
Advertisement

 NewDelhi :  केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के नये निदेशक पर कल मुहर लग सकती है.  खबर है कि सीबीआई डायरेक्टर का चयन करने के लिए सोमवार शाम एक उच्च समिति की बैठक होगी.  सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी.   नये सीबीआई प्रमुख पर चर्चा के लिए  प्रधानमंत्री के आवास पर एक बैठक होगी.

सूत्रों के अनुसार 1985 और 1986 बैच के कई अधिकारी इस शीर्ष पद की रेस में हैं. इनमें वाईसी मोदी भी शामिल हैं, जो वर्तमान में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रमुख हैं. बताया जाता है कि रेस में 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी हितेश चंद्र अवस्थी भी शामिल हैं.

इसे भी पढ़ें : IMA">https://lagatar.in/ima-sends-legal-notice-patanjali-yogpeeth-clarifies-we-honor-doctors/68417/">IMA

ने भेजा कानूनी नोटिस, पतंजलि योगपीठ ने सफाई दी, हम डॉक्टरों का सम्मान करते हैं

सबसे चौंकाने वाला नाम राकेश अस्थाना का है

सबसे चौंकाने वाला नाम राकेश अस्थाना का है. वह भी रेस में बताये जाते हैं.   अस्थाना वर्तमान में सीमा सुरक्षा बल के डीजी हैं और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) में डीजी के अतिरिक्त प्रभार जैसे कई प्रमुख पदों पर भी हैं.   

राकेश अस्थाना के अलावा, उत्तराखंड कैडर के 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी और वर्तमान में नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) के महानिदेशक के रूप में कार्यरत एमए. गणपति भी सीबीआई प्रमुख की रेस में हैं.

इसे भी पढ़ें : एनडीए">https://lagatar.in/no-celebration-on-completion-of-seven-years-of-nda-government/68425/">एनडीए

सरकार के सात साल पूरे होने पर जश्न नहीं, अनाथ बच्चों के लिए कल्याणकारी योजनाएं शुरू होंगी

केरल पुलिस के डीजीपी हैं लोकनाथ बेहुरा

 केरल कैडर के 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी केरल पुलिस के डीजीपी लोकनाथ बेहुरा का भी नाम सीबीआई में शीर्ष पद की दौड़ में बताया जा रहा है. ब ता दें कि बेहुरा पहले सीबीआई में थे और उन्होंने पुरुलिया हथियार मामले और मुंबई सीरियल बम विस्फोट मामले जैसे कई संवेदनशील मामलों की जांच की थी. वह 2009 में एनआईए के संस्थापक सदस्यों में से एक थे.

जानकारी के अनुसार कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा सीबीआई निदेशक पद के लिए कम से कम तीन या चार अधिकारियों के नाम चुनने के बाद, उन्हें प्रधानमंत्री, भारत के प्रधान न्यायाधीश और लोकसभा में विपक्ष के नेता की चयन समिति के पास भेजा जायेगा. समिति दो साल की निश्चित अवधि के लिए अंतिम चयन तय करेगी.

2004 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देर्शो के अनुसार, आईपीएस के चार सबसे पुराने सेवारत बैचों के अधिकारी शीर्ष पद के लिए दावेदार होते हैं. जान लें कि आरके शुक्ला के (तीन फरवरी) कार्यकाल समाप्ति के बाद प्रवीण सिन्हा सीबीआई के कार्यवाहक निदेशक बने थे.

[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही