New Delhi : पीएम मोदी का वीडियो हटाना मेटा को भारी पड़ गया है. कम्युनिकेशन और IT की संसदीय समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने सीईओ मार्क जुकरबर्ग को माफी मांगने को कहा है. निशिकांत दुबे ने सोमवार को कहा कि संसदीय समिति ने पिछले माह फेसबुक से प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो हटाये जाने को गंभीरता से लिया है, समिति चुप नहीं बैठेगी.
Today, the #StandingCommittee on Communications and Information Technology held a meeting under the Chairpersonship of Dr. @nishikant_dubey, MP. During the meeting, the Committee received briefings from the representatives of:
— LOK SABHA (@LokSabhaSectt) August 3, 2026
Ministry of Electronics and Information Technology… pic.twitter.com/IFO3BgYUnf
श्री दुबे ने कहा कि मेटा की ओर से माफी नहीं मांगी जाती तो सरकार IT एक्ट 79 के तहत मिलने वाला सेफ हार्बर प्रोटेक्शन वापस ले लेगी. मामला यह है कि पीएम मोदी ने 23 जुलाई को पेपर लीक को गंभीर विषय मानते हुए एक वीडियो जारी किया था. आरोप है कि मेटा ने पीएम के वीडियो को रात साढ़े 12 बजे से सुबह पांच बजे तक हटा दिया. बाद में उसे रिस्टोर कर दिया.
बवाल बढ़ने पर मेटा ने सफाई देते हुए कहा कि टेक्निकल एरर के कारण ऐसा हुआ. बता दें कि निशिकांत दुबे ने जिस IT एक्ट की धारा 79 की बात की तो इस धारा के तहत मिलने वाला सेफ हार्बर एक कानूनी सुरक्षा कवच है. यह इंटरनेट प्लेटफॉर्मों को उनके यूजर्स द्वारा पोस्ट की गयी किसी भी गलत या गैर-कानूनी सामग्री के लिए जिम्मेदार होने से बचाता है.
इसको ऐसे समझें कि यूजर के अपराध के लिए कंपनी या उसके अधिकारियों को सजा नहीं दी जा सकती. लेकिन इसमें शर्त है की सरकार का आदेश मिलने पर वह पोस्ट हटा दिया जाये. यह कानूनी सुरक्षा कवच मेटा सहित यूट्यूब, एक्स (ट्विटर), गूगल, अमेज़न, फ्लिपकार्ट और जियो व एयरटेल को मिला हुआ है.
संसदीय समिति की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए समिति के अध्यक्ष भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मेटा पर सीधे आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के वीडियो को हटाना महज एक तकनीकी चूक नहीं बल्कि देश को अस्थिर करने की एक सोची-समझी साजिश थी.
एक और खबर यह कि AI मॉर्फ्ड वीडियो बनाने के मामले में हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा इंडिया के हेड अरुण श्रीनिवास के अलावा कई सोशल मीडिया अकाउंट हैंडलर्स के खिलाफ FIR दर्ज की है, भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायत पर दो अलग-अलग केस किये गये हैं.
श्रीनिवास दोनों मामलों में सह-आरोपी हैं. सोशल मीडिया अकाउंट्स से वीडियो शेयर करने वालों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस AI मॉर्फ्ड वीडियो बनाने वाले, सबसे पहले अपलोड करने और वायरल करने वालों की जांच में लगी हुई है. सूत्रों का कहना है कि मेटा की टीम से एल्गोरिदम में पक्षपात, एल्गोरिदम की कार्यप्रणाली और पब्लिक ऑर्डर में कंपनी की भूमिका पर जवाब तलब किये जायेंगे.
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