Ranchi/Palamu News : पलामू के पड़वा प्रखंड में पदस्थापित मनरेगा के कनीय अभियंता लव कुमार गुप्ता के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने, सरकारी पद का दुरुपयोग करने और कथित आर्थिक गतिविधियों को लेकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में शिकायत की गई है.
शिकायतकर्ता संस्था सेंटर फॉर आरटीआई ने ACB की महानिदेशक को पत्र भेजकर मामले में प्रारंभिक सत्यापन और जांच की मांग की है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लव कुमार गुप्ता ने अपनी आय की तुलना में कम समय में काफी अधिक मूल्य की चल-अचल संपत्तियां अर्जित की हैं.
रांची में 2 करोड़ की संपत्ति होने का आरोप
संस्था ने रांची में पाम रेस्टोरेंट के पीछे करीब दो करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति, पड़वा प्रखंड में करीब दो एकड़ कृषि भूमि, इटकी मोड़ नावाबाजार में प्लॉट और मेदिनीनगर के निमिया क्षेत्र में दो मंजिला मकान समेत डालटनगंज/मेदिनीनगर क्षेत्र में दो अन्य प्लॉट होने की जानकारी ACB को दी है.
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि लव कुमार गुप्ता का मूल पदस्थापन पड़वा प्रखंड में मनरेगा के कनीय अभियंता के रूप में है. लेकिन अपनी पहुंच और पैरवी के बल पर वह जिला परिषद पलामू के JE, जिला कल्याण विभाग पलामू के JE, भूमि संरक्षण पलामू के JE और बिश्रामपुर विधायक के JE के प्रभार में भी हैं.
पत्नी के नाम पर ठेकेदारी का आरोप
संस्था ने शिकायत में आरोप लगाया है कि लव कुमार गुप्ता की पत्नी के नाम से जिला परिषद में ठेकेदारी का काम भी संचालित होता है. इसके अलावा उनके पास कई वाहनों के होने की जानकारी भी एसीबी को दी गई है और जांच करने का आग्रह किया गया है.
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि लव कुमार गुप्ता की नियुक्ति से अब तक प्राप्त वेतन और अन्य घोषित आय का आकलन किया जाए. उनके और परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों की जानकारी जुटाकर उनकी खरीद की तारीख, रजिस्ट्री मूल्य, बाजार मूल्य और भुगतान के स्रोत की जांच की जाए.
इसके अलावा बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की जांच, परिवार के सदस्यों के नाम पर कथित फर्मों व व्यावसायिक संस्थाओं की जांच और सरकारी विभागों से मिले ठेकों, कार्यादेश व भुगतान का सत्यापन कराने की मांग की गई है.
पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि संपत्तियां किसी अन्य व्यक्ति या परिवार के सदस्य के नाम पर रखकर वास्तविक स्वामित्व छिपाने का प्रयास किया गया है तो उसकी भी जांच की जाए. संस्था ने ACB को संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही है.
संस्था ने पूरे मामले में प्रारंभिक सत्यापन कर आय और संपत्ति का तुलनात्मक आकलन कराने और आरोपों की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है.
