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MID-ANEICON 2023 : ब्रेन स्ट्रोक और सड़क हादसा रोकने के लिए जागरुकता जरूरी : डॉ अनिल

  • पूर्वी भारत के न्यूरो साइंटिस्ट के सम्मेलन की शुरुआत 
Ranchi : झारखंड न्यूरोसाइंस सोसाइटी के तत्वावधान में MID-ANEICON- 2023 का आयोजन किया गया. दो दिवसीय इस आयोजन में पूर्वी भारत एवं अन्य जगहों के न्यूरो विशेषज्ञों ने भाग लिया. आयोजन समिति के चेयरमैन और रिम्स के न्यूरोसर्जन डॉ अनिल कुमार ने कहा कि न्यूरोसर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरो पैथोलोजिस्ट का जुटान सम्मेलन में हुआ है. न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे देश में ट्रॉमा (सड़क हादसे) की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. हालांकि सरकार और ट्रैफिक के जवानों के द्वारा लोगों को जागरूक किया जा रहा है. बावजूद इसके लोगों में चेतना की कमी है. यहीं वजह है कि लोगों की मौत हो रही है. कई मामले में अपंग भी हो जा रहे हैं. ऐसी घटनाओं के समय राहगीरों को दुर्घटनाग्रस्त लोगों की मदद करने की जरूरत है.

डॉक्टरों को नई तकनीक से कराया गया अवगत

झारखंड न्यूरोसाइंसेंस सोसाइटी के सचिव डॉ संजय कुमार ने कहा कि न्यूरोसाइंस एक जटिल और विविध विज्ञान है. हर रोज नये व उन्नत बदलाव होते जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि खास कर पूर्वी भारत में मिर्गी जैसे न्यूरो रोग को लेकर अभी भी कई भ्रांतियां हैं. साथ ही स्ट्रोक और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर जागरूकता का भी काफी अभाव है. सम्मेलन का उद्देश्य ना सिर्फ़ डॉक्टरों को नई तकनीक से अवगत करना है बल्कि समाज में जागरूकता फैलाना भी है.

न्यूरो केयर से जुड़े नर्सों के लिए भी कार्यशाला

कार्यक्रम को दो अलग-अलग सेशन में बांटा गया है. जिसमें न्यूरोसर्जरी और न्यूरोलॉजी विषय पर विख्यात चिकित्सक अपने अनुभव को कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के साथ साझा किया. सम्मेलन में न्यूरो केयर से जुड़े नर्सेज़ के लिये भी कार्यशाला का आयोजन किया गया है. कार्यक्रम के दूसरे दिन न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी के पीजी छात्र भी पोस्टर प्रजेंटेशन में भाग लेंगे. इसे भी पढ़ें – मोदी">https://lagatar.in/corporation-again-sent-notice-to-modi-seva-sadan/">मोदी

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