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8 राज्यों में खुलेगा प्रवासी मजदूर ''आश्रय'' केंद्र

 
बड़ी पहल : 10 शहरों में राज्य सरकार बनाएगी माइग्रेशन सपोर्ट सेंटर Praveen Kumar Ranchi :   कौशल विकास का प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जानेवाले युवाओं के लिए श्रम विभाग नये साल में कुछ खास करने जा रहा है. झारखंड सरकार देश के आठ राज्यों में स्थित 10 शहरों में माइग्रेशन सपोर्ट सेंटर खोलेगी. इसकी पूरी प्लानिंग श्रम विभाग की ओर से कर ली गयी है. राज्य सरकार ने इन सेंटरों का नाम ````आश्रय```` दिया है. ये सेंटर झारखंड के प्रवासी मजदूरों को दूसरे राज्यों में आवश्यकतानुसार सहायता, मार्गदर्शन, नियम-प्रावधान की जानकारी तथा प्रशिक्षण देंगे. जिन राज्यों में आश्रय केंद्र खोले जाने हैं, उन राज्य सरकारों से झारखंड सरकार एमओयू करेगी. श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग में चलाये जा रहे राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष शिकायत निवारण केंद्र को अक्सर इसकी शिकायत मिलती थी कि युवाओं को तय शर्तों के अनुरूप वेतन व सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. इसके बाद विभाग माइग्रेशन सपोर्ट सेंटर खोलने की योजना पर काम कर रहा था.

इन राज्यों में खोला जाना है आश्रय केंद्र

झारखंड सरकार तमिलनाडु के तिरुपुर और चेन्नई, महाराष्ट् के पुणे, कर्नाटक के बेंगलुरु, राजस्थान के नीमराना, तेलंगाना के हैदराबाद, गुजरात के अहमदाबाद और सूरत, दिल्ली के फरीदाबाद और यूपी के नोएडा में आश्रय केंद्र खोलेगी.

मजदूरों को क्या सहयोग मिलेगा

कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को दूसरे राज्यों में सम्मानजनक रोजगार मिले. साथ हीं प्लेसमेंट की शर्तों के अनुरूप उन्हें वेतन एवं अन्य सुविधाएं सुनिश्चित हों, इसके लिए ये सेंटर राज्य सरकार के श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के अंतर्गत कार्यरत झारखंड कौशल विकास मिशन द्वारा निजी एजेंसियों के माध्यम से संचालित किए जाएंगे.

क्या करती हैं प्लेसमेंट एजेंसियां

राज्य सरकार अभी तक कौशल विकास के बाद संबंधित एजेंसियों के माध्यम से प्लेसमेंट तो कराती थीं, लेकिन प्लेसमेंट के बाद वह लगातार काम कर रहे हैं या नहीं या नियुक्ति पत्र की शर्तों के अनुरूप उन्हें वेतन एवं अन्य सुविधाएं मिल पाती हैं या नहीं, इसकी निगरानी नहीं हो पाती थी. कई एजेंसियों को लेकर राज्य सरकार के पास यह भी शिकायत पहुंची थी कि वो राज्य के श्रमिकों से बंधुआ मजदूर की तरह काम ले रही हैं. इसे देखते हुए राज्य सरकार ने यह पहल शुरू करने जा रही है.

क्या कहते हैं श्रमायुक्त

सूरज सिंह बेसरा, श्रमायुक्त - प्रवासी मजदूरों की समस्याओं के निवारण के लिए यह कार्ययोजना विभाग ने तैयार की है. 2024 में अब इसका लाभ प्रवासी मजदूरों को मिलने लगेगा.
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