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हजारीबाग के मिहिर वत्स साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार, 2022 के लिए चयनित

Hazaribagh : हजारीबाग के मिहिर वत्स को साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार, 2022 अंग्रेजी भाषा से नवाजा जायेगा. मिहिर वत्स का जन्म हजारीबाग में हुआ. डीएवी स्कूल, हजारीबाग से मैट्रिक और प्लस टू की पढ़ाई की. स्नातक और पीजी की पढ़ाई दिल्ली से किया. इनके पिता का नाम किशोर कुमार झा है, जो बिहार के सहरसा के रहने वाले हैं. वह संस्कृत विषय के प्रोफेसर हैं. मिहिर की मां हजारीबाग के इंदिरा गांधी आवासीय विद्यालय की शिक्षिका तनुजा मिश्रा हैं. वह सेवानिवृत है. वर्तमान में मिहिर मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग, IIT दिल्ली से पीएचडी कर रहे हैं. मिहिर ने टेल्स ऑफ हजारीबाग, एन इंटीमेंट एक्सप्लोरेशन ऑफ छोटानागपुर प्लेटो (Tales of Hazaribagh, An intimate Exploration of Chhotanagpur Plateau) पुस्तक अंग्रेजी भाषा में लिखा है, जो हजारीबाग पठारी क्षेत्र यात्रा संस्मरण है. 24 अगस्त को साहित्य अकादमी ने अवार्ड की घोषणा की गई. जिसमें झारखंड से एकमात्र मिहिर वत्स का नाम इसमें शामिल है. इसे भी पढ़ें– पीएम">https://lagatar.in/pm-modi-inaugurates-homi-bhabha-cancer-hospital-in-mohali-amrita-hospital-in-faridabad/">पीएम

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मिहिर को इस अवार्ड के साथ 50 हजार की पुरस्कार राशि भी मिलेगी. मिहिर को शुरू से ही प्रकृति से लगाव रहा है. मिहिर को झारखंड की सुंदरता से काफी आकर्षित करती है. यहां की पठारी भूमि, भूगोल और सुंदरता से मिहिर को प्रेरणा मिली. मिहिर की पहली पुस्तक 2014 में काव्य संग्रह प्रकाशित हुई थी. मिहिर वत्स को वर्ष 2013 में श्रीनिवास राइप रोल पोएट्री प्राइज मिला. वहीं, 2015 में देश के सबसे युवा चाल्स वौलेश फेलो मिला. स्काउटलैंड के स्टर्लिंग यूनिवर्सिटी में चाल्स वौलेश फेलो मिला था. इसे भी पढ़ें– सरायकेला">https://lagatar.in/seraikela-recruitment-in-minority-schools-ignoring-rules-kunal-das/">सरायकेला

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