Kiriburu : माइनिंग एरिया ट्रक ऑनर एसोसिएशन बड़ाजामदा ने टीएसएलपीएल खदान से लौह अयस्क लेकर बड़ाजामदा रेलवे साइडिंग पर अनलोड करने जा रही रही लौह अयस्क लगी लगभग दो दर्जन हाइवा को रोक दिया. ये हाइवा बराईबुरु-टाटीबा गांव के लोगों की है. एसोसिएशन ने अपने अधीन चलने वाली लौह अयस्क की ढुलाई में लगी हाइवा को पहले अनलोड कराना प्रारम्भ कर दिया. एसोसिएशन के अधीन लगभग 260 हाइवा हैं.अनलोडिंग रोकने से एसोसिएशन और बराईबुरु-टाटीबा गांव के हाइवा मालिकों के बीच तनाव हो गया है. इस संबंध में एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविन्द चौरसिया ने बताया कि टाटा स्टील की टीएसएलपीएल खदान से सारी हाइवा लौह अयस्क लेकर बड़ाजामदा और गुवा रेलवे साइडिंग जाती है. लेकिन विवाद इस बात का है कि बराईबुरु-टाटीबा गांव के हाइवा मालिक अपने गांव क्षेत्र में उक्त खदान होने की वजह से लगभग दो दर्जन से अधिक हाइवा को हाथी चौक स्थित वन विभाग का चेकनाका से रात में ही पार कर अपने गांव में रखते हैं. दूसरे दिन अहले सुबह हाइवा को लोडिंग के लिए खदान में भेज देते हैं.
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alt="" width="225" height="300" /> इधर, एसोसिएशन के अधीन चलने वाली हाइवा उक्त चेकनाका खुलने के बाद खदान में लौह अयस्क की लोडिंग के लिए जाती है. इससे बराईबुरु-टाटीबा के हाइवा मालिकों को दिन में दो ट्रिप लोडिंग मिलता है, जबकि एसोसिएशन के हाइवा को मात्र एक ट्रिप लोडिंग मिलता है. इस समस्या का समाधान के लिए कई बार आपसी में और प्रशासनिक स्तर पर बैठक कर करने की कोशिश की गई. बैठक में बराईबुरु-टाटीबा के हाइवा मालिकों को प्रस्ताव दिया गया कि एक दिन गांव वालों का हाइवा खदान में लोडिंग हेतु पहले जाएगा और दूसरे दिन एसोसिएशन का हाइवा. दूसरा प्रस्ताव दिया कि खदान के अंदर चलने वाली तमाम हाइवा का नम्बर के साथ सीरियल बना उसे लोडिंग के लिए भेजा जाए जिससे सबको बराबर लोडिंग भी मिलेगी और लोडिंग के लिए रात से ही लाइन में लगने की समस्या खत्म हो जाएगी. ऐसा करने से सड़क जाम व सड़क दुर्घटना की संभावना भी कम हो जाएगी. लेकिन यह दोनों प्रस्ताव भी वह नहीं मान रहे हैं. इसके बाद एसोसिएशन ने फैसला लिया कि जब खदान बराईबुरु-टाटीबा गांव क्षेत्र में है तो वहां से लोडिंग गांव के हाइवा पहले कर रहे हैं तो बड़ाजामदा रेलवे साइडिंग हमारे घर क्षेत्र में होने के नाते पहले एसोसिएशन से जुड़े हाइवा की अनलोडिंग रेलवे साइडिंग में होगी. उसके बाद ही बराईबुरु-टाटीबा के हाइवा की अनलोडिंग होगी. इसी नीति के तहत आज पहले एसोसिएशन के हाइवा की अनलोडिंग बड़ाजामदा रेलवे साइ़डिंग में कराई जा रही है. अगर इस समस्या का समाधान नहीं होता है तो यही नीति अपनाई जायेगी.
एसोसिएशन के हाइवा चेकनाका खुलने पर सुबह लोडिंग के लिए जाते हैं
alt="" width="225" height="300" /> इधर, एसोसिएशन के अधीन चलने वाली हाइवा उक्त चेकनाका खुलने के बाद खदान में लौह अयस्क की लोडिंग के लिए जाती है. इससे बराईबुरु-टाटीबा के हाइवा मालिकों को दिन में दो ट्रिप लोडिंग मिलता है, जबकि एसोसिएशन के हाइवा को मात्र एक ट्रिप लोडिंग मिलता है. इस समस्या का समाधान के लिए कई बार आपसी में और प्रशासनिक स्तर पर बैठक कर करने की कोशिश की गई. बैठक में बराईबुरु-टाटीबा के हाइवा मालिकों को प्रस्ताव दिया गया कि एक दिन गांव वालों का हाइवा खदान में लोडिंग हेतु पहले जाएगा और दूसरे दिन एसोसिएशन का हाइवा. दूसरा प्रस्ताव दिया कि खदान के अंदर चलने वाली तमाम हाइवा का नम्बर के साथ सीरियल बना उसे लोडिंग के लिए भेजा जाए जिससे सबको बराबर लोडिंग भी मिलेगी और लोडिंग के लिए रात से ही लाइन में लगने की समस्या खत्म हो जाएगी. ऐसा करने से सड़क जाम व सड़क दुर्घटना की संभावना भी कम हो जाएगी. लेकिन यह दोनों प्रस्ताव भी वह नहीं मान रहे हैं. इसके बाद एसोसिएशन ने फैसला लिया कि जब खदान बराईबुरु-टाटीबा गांव क्षेत्र में है तो वहां से लोडिंग गांव के हाइवा पहले कर रहे हैं तो बड़ाजामदा रेलवे साइडिंग हमारे घर क्षेत्र में होने के नाते पहले एसोसिएशन से जुड़े हाइवा की अनलोडिंग रेलवे साइडिंग में होगी. उसके बाद ही बराईबुरु-टाटीबा के हाइवा की अनलोडिंग होगी. इसी नीति के तहत आज पहले एसोसिएशन के हाइवा की अनलोडिंग बड़ाजामदा रेलवे साइ़डिंग में कराई जा रही है. अगर इस समस्या का समाधान नहीं होता है तो यही नीति अपनाई जायेगी.
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