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स्वास्थ्य विभाग : सचिव के पीए के तबादले के लिए मंत्री बन्ना ने पहले कार्मिक को लिखा पत्र, अब कह रहे नहीं हो ट्रांसफर

 

Ranchi: कोरोना काल के पिछले एक साल में दो सचिवों का तबादला हो जाता है. फिर भी स्वास्थ्य विभाग का काम चलता ही रहता है. इस कोरोना काल में हर विभाग से ज्यादा जरूरी विभाग स्वास्थ्य विभाग हो गया है. राज्य के दस से ज्यादा आईएएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति स्वास्थ्य विभाग में की गयी है. लेकिन मंत्री बन्ना गुप्ता के लिए चिंता का विषय उनके विभाग के प्रधान सचिव के आप्त सचिव यानी पीए बने हुए हैं. जिस विभाग में इतना उठापटक हो रहा है, उस विभाग के लिए मंत्री बन्ना गुप्ता का मानना है कि उनके विभाग के प्रधान सचिव के पीए के तबादले का असर विभाग पर नकारात्मक पड़ेगा. काम ठीक से नहीं हो पाएगा.

बकायदा इसके लिए विभाग के मंत्री बन्ना गुप्ता ने कार्मिक विभाग के प्रधान सचिव को एक पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने लिखा है कि विभाग के प्रधान आप्त सचिव शंभु शरण प्रसाद का तबादला दो साल के अंदर ही दूसरे विभाग में कर दिया गया है. कोरोना काल में शंभु शरण का काम सराहनीय रहा है. इसलिए उनके तबादले को रोक दिया जाए. तबादला रोकने के लिए मंत्री के पीत पत्र को विभाग के सचिव ने भी कार्मिक और मुख्यमंत्री के आप्त सचिव को भेजा है.

मंत्री जी ने पहले तबादले को लिखा अब रोकने को कह रहे हैं

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने करीब दो महीने पहले कार्मिक को पत्र लिखकर सचिव के प्रधान आप्त सचिव शंभु शरण प्रसाद के तबादले की वकालत की थी. उन्होंने कार्मिक को इस बाबत पत्र लिखा था. जिसके बाद शंभु शरण प्रसाद का तबादला सूचना विभाग कर दिया गया था. तबादले के बावजूद शंभु शरण प्रसाद स्वास्थ्य विभाग में ही बने रहे. अब उसी शंभु शरण प्रसाद के तबादले को रोकने के लिए मंत्री कार्मिक को लिख रहे हैं और तबादले रोकने की वकालत कर रहे हैं.

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इन दो महीने में ऐसा क्या हो गया कि शंभु शरण प्रसाद मंत्री के इतने चहेते हो गए कि मंत्री खुद पत्र लिख रहे हैं. दूसरा सवाल यह भी उठ रहा है कि शंभु शरण प्रसाद विभाग के प्रधान सचिव के पीए हैं, ऐसे में उनके तबादले के लिए सचिव को पत्र लिखना चाहिए ना कि मंत्री को. फिर क्यों मंत्री की तरफ से उनके तबादले के लिए पत्र लिखा जा रहा है. वैसे भी सचिवालय में काम करने वालों का कहना है कि शंभु शरण प्रसाद का तबादला हमेशा से विवादों में रहता है. वो हमेशा अपने मनचाहे विभाग में ही बने रहना चाहते हैं.

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