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अल्पसंख्यक मंत्रालय ने हलफनामा दाखिल किया
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय की याचिका के जवाब में केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय ने यह हलफनामा दाखिल किया है. बता दें कि केंद्र का नया रुख कुछ मायनों में उसके 25 मार्च को दाखिल एफिडेविट से अलग है, जिसमें उसने हिंदुओं को अल्पसंख्यक घोषित करने की जिम्मेदारी राज्यों पर डालने की कोशिश की थी. उस समय केंद्र ने कहा था कि राज्यों के पास भी किसी समूह को अल्पसंख्यक घोषित करने का अधिकार है. इसे भी पढ़ें : मोहाली">https://lagatar.in/rocket-propelled-grenade-attack-at-intelligence-wing-headquarters-of-punjab-police-in-mohali-no-casualties/">मोहालीमें पंजाब पुलिस के खुफिया शाखा मुख्यालय में रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड से हमला, कोई हताहत नहीं
केंद्र ने नया हलफनामा पेश किया
केंद्र ने यह कहकर याचिका खारिज करने की गुहार लगाई थी कि याचिकाकर्ता द्वारा की गयी मांग किसी बड़े सार्वजनिक या राष्ट्रीय हित में नहीं है. जान लें कि सुप्रीम कोर्ट के लगातार जोर डालने और 7500 रुपये का जुर्माना लगाये जाने के बाद केंद्र ने हलफनामा दाखिल किया था. हालांकि 28 मार्च को सुनवाई के क्रम में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से और समय मांगा था. अब केंद्र ने नया हलफनामा पेश किया है.याचिका 2020 में दायर की गयी थी
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार अश्विनी उपाध्याय की जिस याचिका पर केंद्र का हलफनामा आया है, वो 2020 में दायर की गयी थी. उससे पहले 2017 में भी उन्होंने हिंदुओं को अल्पसंख्यक का दर्जा देने की मांग करते हुए पहली बार सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. जिसे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को भेज दिया गया था, जिसने कहा गया था कि केवल केंद्र सरकार ही ये राहत दे सकती है. इसे भी पढ़ें : ओडिशा">https://lagatar.in/cyclone-asani-moving-towards-odisha-rain-with-strong-winds-in-andhra-odisha-government-on-alert/">ओडिशाकी ओर बढ़ रहा Cyclone Asani, आंध्र में तेज हवाओं के साथ बारिश, ओडिशा सरकार अलर्ट पर

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