Lagatar Desk : वैशाली एक्सप्रेस के सेकेंड एसी कोच में घुसकर एक महिला यात्री से करीब 5.10 लाख के गहने लूटकर बदमाश फरार हो गए. इतना ही नहीं करीब 7 से 8 की संख्या में आए बदमाशों ने महिला के साथ बदसलूकी भी की. इस संबंध में महिला ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में प्राथमिकी दर्ज कराई है.
महिला के परिवार के अनुसार, सोमवार सुबह ट्रेन के समस्तीपुर स्टेशन से खुलने के कुछ देर बाद करीब 7 से 8 लोग सेकेंड एसी कोच में घुस आए. आरोप है कि इन लोगों ने महिला को घेर लिया और उसके साथ बदसलूकी की.
महिला के पति ने जब इसका विरोध किया तो उन्हें कोच के गेट के पास रोक दिया. आरोप है कि उनलोगों ने महिला के गले से सोने की चेन और हीरे का पेंडेंट लूट लिए और चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गए. परिवार के मुताबिक, दोनों गहनों की कीमत करीब 5.10 लाख रुपये है.
घटना के बाद महिला और उसके पति ने ट्रेन में मौजूद टीटीई से शिकायत की. परिवार का आरोप है कि शिकायत के बाद उन्हें तुरंत मदद नहीं मिली. इसके बाद रेलवे के हेल्पलाइन नंबर पर भी घटना की जानकारी दी गई. बताया गया कि RPF की ओर से फोन करके घटना के बारे में जानकारी ली गई, लेकिन तत्काल मौके पर सहायता नहीं पहुंच सकी.
महिला ने गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराई. गाजियाबाद से केस को समस्तीपुर ट्रांसफर कर दिया गया है. अब रेल पुलिस मामले की जांच कर रही है. पुलिस आरोपियों की पहचान के लिए समस्तीपुर स्टेशन और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है.
रेल एसपी वीणा कुमारी के अनुसार, मामले की जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई है. टीम CCTV फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी को लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है.
इस घटना ने ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि सेकेंड एसी जैसे सुरक्षित माने जाने वाले कोच में इतने लोग बिना रोक-टोक कैसे पहुंच गए. ट्रेन के रवाना होने के बाद यात्रियों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार स्टाफ ने क्या कार्रवाई की, यह भी जांच का विषय है.
वहीं शिकायत मिलने के बाद टीटीई और रेलवे हेल्पलाइन की ओर से तत्काल मदद क्यों नहीं पहुंची, इसकी भी जांच जरूरी है. इस घटना ने एक बार फिर ट्रेन में यात्रियों और खासकर महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.