10 से 20 मार्च तक राज्यभर में बूथ सशक्तिकरण अभियान चलाएगी भाजपा 14 अप्रैल से घर-घर चलो अभियान से दलित बस्तियों में पहुंचेंगे भाजपा कार्यकर्ता अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 9 विधानसभा सीटों में से 6 है भाजपा के कब्जे में Satya Sharan Mishra Ranchi : भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में हर जाति और समाज को साधने के लिए प्लान तैयार कर लिया है. अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित झारखंड की पलामू लोकसभा सीट समेत देशभर के सभी 84 एससी आरक्षित सीटों पर फतह के लिए कार्यक्रमों की रूपरेखा बन गई है. पार्टी 10 से 20 मार्च तक बूथ शक्तिकरण अभियान शुरू करने जा रही है, जिसमें हर शक्ति केंद्र पर पार्टी ने एक अल्पकालिक विस्तारक की ड्यूटी लगाई गई है. ये विस्तारक बूथ कमेटी और पन्ना प्रमुखों को एक्टिवेट करेंगे. इसके बाद पार्टी ने दलितों को साधने के लिए घर-घर चलो अभियान शुरू करने का फैसला कर लिया है. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर 14 अप्रैल से 21 दिनों का राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू होगा. इसके तहत पार्टी दलित बस्तियों में पहुंचेगी. कार्यकर्ता वहां के लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताएंगे. योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन करने में मदद करेंगे.
राष्ट्रीय स्तर के दलित नेताओं का होगा दौरा
झारखंड में अनुसूचित जाति के वोटरों की संख्या 14 फीसदी है. इनकी कुल आबादी 50 लाख के करीब है. राज्य के 9 जिलों में एससी वोटरों की संख्या अच्छी-खासी है. झारखंड का एकमात्र पलामू लोकसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है, जबकि विधानसभा की 81 में से 9 सीटें एससी के लिए आरक्षित है. पलामू लोकसभा सीट पर भाजपा का ही कब्जा है, जबकि विधानसभा की 9 सीटों में से 6 पर भाजपा का कब्जा है. इनमें से एक चतरा सीट राजद, वहीं जुगसलाई और लातेहार सीट झामुमो के पास है. इन सभी विधानसभा और लोकसभा सीटों पर कब्जा जमाने के लिए भाजपा ने दलित वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए रणनीति के तहत काम शुरू कर दिया है. अनुसूचित जाति के कई राष्ट्रीय नेताओं का भी झारखंड दौरा होगा. 9 जिलों के 9 विधानसभा और 8 लोकसभा सीटों के चुनाव परिणाम को प्रभावित करते हैं दलित वोटर्स
झारखंड में अनुसूचित जाति के मतदाताओं के वोट 9 जिलों के 9 विधानसभा क्षेत्र और 8 लोकसभा सीट के चुनाव परिणाम को प्रभावित करते हैं. इनमें पलामू, देवघर, गोड्डा, चतरा, कोडरमा, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, रांची और लातेहार जिला शामिल है. पलामू जिले में एससी वोटर्स की संख्या 27.65 फीसदी है. पलामू लोकसभा सीट के साथ-साथ यहां की छतरपुर विधानसभा सीट भी एससी आरक्षित है. वहीं देवघर विधानसभा सीट भी एससी आरक्षित है. यह सीट गोड्डा लोकसभा क्षेत्र में आता है. देवघर में जहां एसटी आबादी 12.74 फीसदी है, वहीं गोड्डा में इनकी आबादी 8.8 प्रतिशत है. चतरा जिले में एससी आबादी 32.65 फीसदी है. यहां का चतरा और सिमरिया विधानसभा सीट एसटी आरक्षित है. एसटी आरक्षित जमुआ विधानसभा सीट कोडरमा जिले में पड़ता है. जिले में एसटी आबादी 13.31 फीसदी है. वहीं धनबाद जिले में 16.3 प्रतिशत एसटी आबादी है. यहां की चंदनकियारी सीट एससी आरक्षित है. पूर्वीं सिंहभूम जिले की 4.9 फीसदी एससी आबादी यहां के जुगसलाई विधानसभा सीट का उम्मीदवार तय करती है. रांची जिले में 5.25 फीसदी एससी आबादी है. यहां का कांके विधानसभा सीट एससी आरक्षित है. वहीं लातेहार जिले में 21.3 फीसदी अनुसूचित जाति के लोग रहते हैं. यह विधानसभा सीट भी एससी आरक्षित है. मिशन 2024 के लिए संगठन को किया जा रहा दुरुस्त - जीतू चरण राम
भाजपा एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जीतू चरण राम ने कहा कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा को लेकर संगठन को दुरुस्त किया जा रहा है. 10 से 20 मार्च तक बूथ सशक्तिकरण अभियान चलेगा. इसके बाद 14 अप्रैल से 21 दिन का विशेष कार्यक्रम होगा. इस दौरान दलित बस्तियों में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई जाएगी. गोष्ठी होगी, रक्तदान शिविर लगेंगे. सरकार की योजनाओं पर चर्चा होगी. दलितों के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के बारे में उन्हें बताया जाएगा. उन्हें उन योजनाओं से जोड़ा जाएगा और लाभ दिलाने का काम किया जाएगा. [wpse_comments_template]
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