- बगैर ओबीसी आरक्षण के निकाय चुनाव के मुद्दे को भी कैश कराएगी भाजपा
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जंगल और जमीन को आदिवासी ही बचा सकते हैं : मुख्यमंत्री
पंचायत चुनाव में जीतने वाले आधे से अधिक जनप्रतिनिधि भाजपा कार्यकर्ता- दीपक प्रकाश
बैठक में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने दावा किया कि हाल में संपन्न हुए पंचायत चुनाव में जीतकर आये आधे से अधिक जनप्रतिनिधि भाजपा के कार्यकर्ता हैं. हालांकि पंचायत चुनाव दलीय आधार पर नहीं हुआ, लेकिन अपनी सक्रियता, समाज के सुख-दुख में अपनी सहभागिता और संवेदनशीलता के कारण पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जनता का विश्वास प्राप्त किया है. इसलिए पार्टी ने ऐसे जनप्रतिनिधियों को सम्मानित करने का कार्यक्रम तय किया है. उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में हेमंत सरकार ने राज्य के पिछड़ा वर्ग के अधिकार को छीना है. पिछड़ों के आरक्षण के बिना ही चुनाव कराए हैं और अब सरकार निकाय चुनाव भी बिना ओबीसी आरक्षण के कराने जा रही है. जनता इसका भी मुंहतोड़ जवाब देगी.
सरकार के खिलाफ तेज होगा आंदोलन- बाबूलाल
बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इस प्रदेश की विधि व्यवस्था ध्वस्त है. तुष्टिकरण चरम पर है. यह सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी है. राज्य सरकार के खिलाफ जनता में आक्रोश है. जनता इस सरकार को करारा जवाब देने का इंतजार कर रही है. 18 अक्टूबर को आयोजित पंचायत प्रतिनिधि सम्मान के बाद राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन को तेज किया जाएगा.बैठक में ये थे मौजूद
बैठक में भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र नाथ त्रिपाठी भी मौजूद थे. इसके अलावा प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील सिंह, विनोद शर्मा, नीलकंठ सिंह मुंडा, गंगोत्री कुजूर, अपर्णा सेन गुप्ता, प्रणव वर्मा, प्रदीप वर्मा, बालमुकुंद सहाय, नवीन जायसवाल, सुबोध सिंह गुड्डू, काजल प्रधान, शर्मिला रजक, रीता मिश्रा दीपक बंका समेत कई पदाधिकारी शामिल थे. इसे भी पढ़ें – हत्यारोपी">https://lagatar.in/the-killers-were-leading-the-movement-of-tana-bhagat/">हत्यारोपीकर रहे थे टाना भगतों के आंदोलन का नेतृत्व [wpse_comments_template]

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