- सदर विधायक रामनवमी तक सरकारी और जिला प्रशासन के सभी कार्यक्रमों का करेंगे बहिष्कार
- रामनवमी जुलूस को प्रभावित करने का जिला प्रशासन और सरकार पर लगाया आरोप
की सदस्यता खत्म होने पर कांग्रेस ने कहा- लोकतंत्र के लिए आज काला दिन उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने पिछले बजट के दौरान कई घोषणा की थी. इसमें एक किलो दाल, नियोजन नीति, बेरोजगारी भत्ता, पांच लाख लोगों को नौकरी, पीएम आवास में ₹50 हजार अतिरिक्त देने का वादा किया था. लेकिन एक भी वादा पूरा नहीं किया गया. सरकार अपना ही वादा पूरा नहीं कर पा रही है. यह सरकार पूर्ण रूप से हिंदू विरोधी है. तुष्टीकरण चरम सीमा पर है और एक समुदाय को खुश करने के लिए दूसरे समुदाय का दमन किया जा रहा है. यह सिर्फ वोट की राजनीति है. कांग्रेस का वोट खत्म करने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा यह राजनीति कर रही है ताकि अल्पसंख्यक वोट को अपनी ओर आकर्षित किया जा सके. उन्होंने वर्तमान समय की नियोजन नीति 60 : 40 पर निशाना साधते हुए कहा कि इससे झारखंड के युवाओं को ठगने का काम किया जा रहा है. सरकार का एक ही उद्देश्य है कि बाहर के लोगों को झारखंड में नौकरी दिया जाए, और यहां के लोगों को बेरोजगार रखा जाए. इस कारण इसका वह विरोध करते हैं. वहीं उन्होंने रामनवमी जुलूस की चर्चा करते हुए कहा कि सदन में उन्होंने कई बार इस मुद्दे को रखा, लेकिन इसका सही जवाब नहीं दिया. अंत में उन्होंने आवेश में आकर अपना कुर्ता तक फाड़ डाला. हजारीबाग में जिस तरह से 107 की कार्रवाई की गई है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है. पुलिस रामनवमी क्लब के सदस्यों को डरा धमका रही है. डीजे पर प्रतिबंध लगाना उसका लॉजिक सरकार को देना चाहिए था. वहीं उन्होंने यह भी कहा कि डीजे से अधिक खतरनाक शराब है. लेकिन शराब की दुकान अष्टमी तक सरकार ने खोल रखने का आदेश दिया है, क्योंकि इससे सरकार को राजस्व की प्राप्ति होती है. अगर स्वास्थ्य की बात की जाए, तो डीजे के साथ साथ शराब दुकानें भी बंद होनी चाहिए. इसे भी पढ़ें- सरहुल">https://lagatar.in/sarhul-capital-drenched-tribal-traditional-shade-grand-procession-taken-out/">सरहुल
: आदिवासी पारंपरिक छटा से सराबोर हुृई राजधानी, निकाली गयी भव्य शोभायात्रा इस दौरान उन्होंने विधायक इरफान अंसारी और उमाशंकर अकेला पर भी चुटकी ली. इरफान अंसारी के बयान पर उन्होंने कहा कि मजाकिया मूड में सत्र नहीं चलता है. उनका एक भी जवाब गंभीरता वाला नहीं है. इस कारण में इस पर किसी तरह की टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं. दूसरी ओर उमाशंकर अकेला पर कहा कि वह हमारे कार्यालय में आकर रजिस्टर देख लें. मैंने दो हजार से अधिक बहनों की शादी करवाने में मदद की है, वह क्या मदद करेंगे. [wpse_comments_template]

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