के कार्य बहिष्कार से चिकित्सा व्यवस्था चरमराई, तस्वीरों में देखें कैसे हलकान हैं मरीज)
एकल पीठ ने स्क्रूटनी कमिटी के आदेश को किया था रद्द
बता दें कि एकल पीठ ने 31 जनवरी को MLA समरी लाल के जाति प्रमाण पत्र मामले में स्क्रूटनी कमिटी के आदेश को रद्द किया था. साथ ही निर्देश दिया था कि इस मामले की सुनवाई के लिए एक अलग कमिटी बनायी जाये. जिसके खिलाफ सुरेश बैठा ने झारखंड हाईकोर्ट में LPA दाखिल कर एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी है. इसे भी पढ़ें : बजट">https://lagatar.in/budget-session-pending-construction-work-prime-ministers-residence-will-be-completed-soon-alamgir/">बजटसत्र : लंबित प्रधानमंत्री आवास के निर्माण कार्य जल्द होंगे पूरे- आलमगीर
समरी लाल ने जाति प्रमाण पत्र को अवैध करार देने के खिलाफ दायर की थी याचिका
MLA समरी लाल ने हाईकोर्ट के कास्ट स्क्रूटनी कमिटी के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनके जाति प्रमाण पत्र को गलत करार दिया गया था. याचिका में कहा गया है कि बिना किसी ठोस आधार के समरी लाल की जाति प्रमाण पत्र को अवैध करार दिया गया है. 1 अप्रैल को स्टेट स्क्रूटनी कमिटी ने बिना किसी गवाह और ठोस साक्ष्य के उनके जाति प्रमाण पत्र को गलत करार दिया, जो निराधार है. मामले की अगली सुनवाई 29 मार्च को होगी. इसे भी पढ़ें : डॉक्टरों">https://lagatar.in/medical-system-collapses-due-to-boycott-of-work-of-doctors-see-in-pictures-how-patients-are-suffering/">डॉक्टरोंके कार्य बहिष्कार से चिकित्सा व्यवस्था चरमराई, तस्वीरों में देखें कैसे हलकान हैं मरीज [wpse_comments_template]

Leave a Comment