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CHC खाली कर डॉक्टरों को बुला लिया रांची, विधायकों ने कहा DC से नहीं संभल रही राजधानी

Pravin Kumar
Ranchi : राज्य में तेजी से कोरोना संक्रमण फैल रहा है. शहरी या ग्रामीण हर इलाके में संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है. सरकार और स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं और मैन पावर बढ़ाने की कोशिश में जुटी है. लेकिन रांची डीसी अपनी ही धुन में हैं. रांची जिले सीएचसी में कार्यरत डॉक्टरों को डेपुटेशन पर रांची सदर अस्पताल व रांची के अन्य सरकारी कोविड अस्पताल में बुला लिया है. डॉक्टरों के सदर अस्पताल में योगदान देने से यहां की व्यवस्था तो टाइट हो गयी. लेकिन सीएचसी भगवान भरोसे हो गये.
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ग्रामीण इलाकों में प्रतिनियुक्त अधिकारियों, डॉक्टरों, टेक्नीशियन, नर्सों को रांची के सरकारी हॉस्पिटलों में शिफ्ट करा रहे हैं. ऐसे में ग्रामीण इलाकों में संक्रमण का खतरा ज्यादा बढ़ता जा रहा है. डीसी की कार्यशैली पर सांसदों और विधायकों ने सवाल उठाये हैं.

रांची डीसी के फरमान पर क्या कहते हैं सांसद और विधायक

शहर बचाने के चक्कर में गांव न हो जाए बर्बाद- संजय सेठ : रांची सांसद संजय सेठ ने कहा कि कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ रांची के शहरी और ग्रामीण इलाकों में प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है. दूसरी तरफ रांची डीसी ग्रामीण इलाकों से अधिकारियों, डॉक्टरों, टेक्नीशियन, नर्सों आदि को रांची शिफ्ट करा रहे हैं. रांची डीसी के इस निर्णय से ग्रामीण इलाकों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. सांसद ने कहा कि आज कई प्रवासी मजदूर ग्रामीण इलाकों में लौट रहे हैं. कहीं ऐसा ना हो कि शहर को बचाने के चक्कर में ग्रामीण इलाकों में संक्रमण फैल जाए.

जहां पदस्थापित हैं डॉक्टर वहीं करायें ड्यूटी- सुदेश महतो : सिल्ली विधायक सह आजसू सुप्रीमो सुदेश कुमार महतो ने कहा कि गांव तक संक्रमण तेजी से फैल गया है. सीएचसी में पदस्थापित डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति दूसरे स्थानों पर कर दी गई है. जो बिल्कुल गलत है. सीएचसी में प्रॉपर जांच नहीं हो पा रही है. अस्पतालों में दो-तीन दिन जांच रूक जाता है. ग्रामीण इस संक्रमण को बुखार, खांसी के रूप में देखते हैं और अचानक सुनने को मिलता है फलाना व्यक्ति नहीं रहा.
वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों को मजबूत करने की जरूरत है. सिर्फ सीएम हेमंत सोरेन के आह्वान से ही करोना की चेन नहीं टूटेगी. इसके लिए सरकार को प्रॉपर कार्यक्रम तैयार करने की जरूरत है. सुदेश महतो ने कहा कि जल्द से जल्द रांची बुलाये गये सभी डॉक्टरों को अपने पदस्थापित जगहों पर ड्यूटी में लगाया जाए.

चपरासी के भरोसी सीएचसी चलाना चाह रहे हैं डीसी: बंधु तिर्की : मांडर विधायक बंधु तिर्की ने लगातार न्यूज…से बातचीत में कहा कि रांची डीसी ग्रामीण इलाकों के लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं. उनसे राजधानी संभल नहीं पा रहा है. सभी चिकित्सकों एवं नर्सों को राजधानी के कोविड अस्पताल में लगा दिया गया है. ऐसे में गर्भवती महिलाओं एवं मलेरिया, टाइफाइड जैसी बीमारी का भी इलाज प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्रों पर नहीं हो पा रहा है. ना ही किसी तरह का टेस्ट किया जा रहा है. सीएचसी में दवाओं की कमी भी देखी जा रही है. अस्पताल चपरासी के भरोसे चलाने की कोशिश कर रहे रांची डीसी. सरकार इस पर तुरंत निर्णय ले.

चरम पर है डीसी की मनमानी, विधायकों का फोन उठाते ही नहीं- राजेश कच्छप : खिजरी विधायक राजेश कच्छप ने कहा रांची डीसी छवि रंजन मनमानी कर रहे हैं. विधायकों का भी फोन नहीं उठा रहे हैं. ऐसे में आम जनता की समस्या को दूर करने में कितनी रूचि लेते होंगे इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि मेरे विधानसभा के ओरमांझी स्वास्थ्य केंद्र को पूरी तरह बंद कर दिया गया है. महामारी में इस तरह का निर्णय इंसानियत के खिलाफ है. नामकुम एवं अनगड़ा में एक-एक डॉक्टर मौजूद हैं. विधायक ने एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले चौथे वर्ष के छात्रों को भी मरीजों की देखरेख में लगाने की मांग की.

डीसी फोन नहीं उठाते, सिविल सर्जन ने भी कर दिये हाथ खड़े- समरी लाल : कांके विधायक समरी लाल ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र के बुढ़मू, पिठोरिया, मैकलुस्कीगंज और खलारी से भी डॉक्टरों को रांची सदर अस्पताल बुला लिया गया है. उन्होंने कहा कि बुढ़मू में एक डॉक्टर बचे हैं, लेकिन वो भी अभी क्वारेंटाइन हैं. हॉस्पिटल मैनेजर को भी सदर अस्पताल बुला लिया गया है. सब को सदर अस्पताल ही बुला लेंगे तो ग्रामीण इलाकों में कोरोना संक्रमितों को कौन देखेगा. एक तो वैसे ही सीएचसी में व्यवस्था खराब है. ऑक्सीजन और अन्य सुविधाएं हैं नहीं. मरीजों को रातू भेज दिया जा रहा है. रांची डीसी से छवि रंजन से जिला संभल नहीं रहा है. विधायक ने कहा कि रांची डीसी फोन भी नहीं उठाते. कई बार फोन करने पर उनसे बात हुई तो बोले देख रहे हैं जल्द ही सीएसची में डॉक्टर भेज देंगे. सिविल सर्जन ने भी हाथ खड़ा कर दिया है.

डॉक्टरों को शहर बुलाने का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ेगा: सीपी सिंह : रांची विधायक सीपी सिंह ने कहा कि शहर के साथ गांवों में भी संक्रमण फैल रहा है. ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों का होना बहुत जरूरी है. अगर प्रशासन वहां के डॉक्टरों को रांची बुलाता है तो एमबीबीएस फाइनल इयर के छात्रों को सीएचसी में प्रतिनियुक्त करना चाहिए. अगर सभी डॉक्टर शहर बुला लिये गये तो गांव में संक्रमण फैलेगा और इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ेगा. इसलिए सरकार और प्रशासन शहर और गांव दोनों जगहों पर पर्याप्त डॉक्टरों और पारा मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित करे सरकार.

रांची बुलाये गये डॉक्टरों को जल्द वापस सीएचसी भेजा जाए: विकास कुमार मुंडा : ग्रामीण क्षेत्र के डॉक्टरों को रांची में सेवा लेने का तमाड़ विधायक विकास कुमार मुंडा ने विरोध किया है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं को देखते हुए जल्द से जल्द डॉक्टरों को वापस सीएचसी भेजना होगा. इस मामले को लेकर विधायक रांची उपायुक्त से बात भी कर चुके हैं और जल्द से जल्द ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों को सेवा में भेजने का निर्देश दिया है.

मैक्लुस्कीगंज अस्पताल में 4 पद काम कर रहे एक डॉक्टर:ग्लेन जोसेफ गॉलस्टन : ग्लेन जोसेफ गॉलस्टन ने कहा कि मैक्लुस्कीगंज अस्पताल में डॉक्टर के 4 पद के मुकाबले 1 कार्यरत हैं. महामारी तेजी से ग्रामीण इलाकों को चपेट में ले रहा है. ग्रामीण इलाकों में उपचार की मुकम्मल व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए. स्वास्थ्य मंत्री से भी हमने बात की है. जल्द से जल्द तीन डॉक्टरों का पदस्थापन मैक्लुस्कीगंज अस्पताल में किया जाये, लेकिन अभी तक नहीं हुआ.

 

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