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झारखंड में मनरेगा मजदूरों का बकाया पहुंचा 12.5 करोड़

Ranchi: ग्रामीण इलाकों में रोजगार उपलब्ध कराने की सबसे बड़ी योजना मनरेगा है. वहीं राज्य में मनरेगा मजदूरों की स्थिति ठीक नहीं है. यहां मजदूरों को भुगतान नहीं हो रहा है. मजदूरी भुगतान नहीं होने की वजह से मजदूरों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही योजना में काम करने की रूचि भी काम होती है. 17 अप्रैल तक राज्य के मनरेगा मजदूरों का बकाया 12.5 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. सबसे अधिक मजदूरी बकाया चतरा जिले का है. यहां मजूदरों का बकाया 1 करोड़ 44 लाख पहुंच चुका है. इसे भी पढ़ें-जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-water-crisis-in-haludbani-even-after-complaint-bad-chappals-did-not-get-fixed/">जमशेदपुर

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किस जिला में कितना मजदूरी बकाया

जिला          बकाया राशि (करोड़ में)            बोकारो         134.00 चतरा          144.8 देवघर          39.26 धनबाद         24.4 दुमका          24.39 गढ़वा          35.16 गिरिडीह        98.89 गोड्डा            8.07 गुमला          126.19 हजारीबाग       48.12 जामताड़ा        25.6 कोडरमा         1.07 लातेहार         9.90 लोहरदगा        2.59 पाकुड़            65.42 पलामू            78.05 रामगढ़           5.27 रांची              75.42 साहिबगंज       8.06 सरायकेला       10.40 सिमडेगा        18.09 पूर्वी सिंहभूम     13.67 पश्चिमी सिंहभूम  52.61 खूंटी           37.61 कुल            1250.13 इसे भी पढ़ें-पटना:">https://lagatar.in/patna-jitan-ram-manjhi-handed-over-the-command-of-the-party-to-son-santosh/">पटना:

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