के प्रदेश प्रभारी मीर पहुंचे रांची, कहा – मंत्री पद के लिए कास्ट, प्रमंडल व जेंडर का रखा है ख्याल
5-6 दिसंबर को जंतर-मंतर पर होगा धरना
प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज़ ने स्पष्ट किया कि फंड ट्रांसफर ऑर्डर समय पर दिए जाते हैं. लेकिन श्रमिकों के खातों में भुगतान में हफ्तों या महीनों की देरी होती है. झारखंड नरेगा वॉच की अफसाना खातून ने बताया कि कम बजट आवंटन के कारण वेतन भुगतान में समस्याएं आ रही हैं. मज़दूरों ने मनरेगा मज़दूरी को तत्काल 800 रूपये प्रति दिन करने की मांग करने के साथ-साथ एनएमएमएस और एबीपीएस जैसी तकनीकी हस्तक्षेपों की भी आलोचना की. बिहार से जितेंद्र पासवान ने बताया कि तकनीकी गड़बड़ियों के कारण श्रमिकों को अपने वेतन की प्राप्ति में मुश्किलें आ रही हैं. पश्चिम बंगाल के एक मज़दूर अंबरीश सोरेन ने केंद्र द्वारा राज्य को मनरेगा फंड रोकने की निंदा की और आरोप लगाया कि तीन साल से अधिक समय से कार्य रुका हुआ है और मजदूरी का भुगतान लंबित है. नरेगा संघर्ष मोर्चा ने 5-6 दिसंबर 2024 को जंतर-मंतर पर दो दिवसीय विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है, जिसमें नागरिकों से मजदूरों के अधिकारों के लिए एकजुट होने की अपील की गई है. उन्होंने कहा कि कम बजटीय आवंटन और मनमाना तकनीकी हस्तक्षेप मिलकर नरेगा को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें -झारखंड">https://lagatar.in/there-will-be-bone-chilling-cold-in-jharkhand-mercury-will-fall-by-3-5-degrees-celsius/">झारखंडमें हाड़ कंपाने वाली पड़ेगी ठंड, 3-5 डिग्री सेल्सियस तक गिरेगा पारा [wpse_comments_template]
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