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मॉडल स्कूल एक प्रोजेक्ट नहीं बल्कि झारखंडियों के बेहतर शिक्षा और भविष्य की है नींव- हेमंत सोरेन

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Ranchi : राज्य में बनाये जा रहे मॉडल स्कूलों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने महज एक प्रोजेक्ट नहीं बल्कि झारखंडियों के बेहतर शिक्षा और भविष्य के लिए जरूरी नींव बताया है. मुख्यमंत्री सोमवार को धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर में बन रहे मॉडल स्कूल (स्कूल ऑफ एक्सीलेंस) (ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव उच्च विद्यालय) का अचानक निरीक्षण करने पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में इसी तरह के मॉडल स्कूलों का निर्माण किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आए दिन यह शिकायत मिलती है कि राज्य की सरकारी स्कूल की हालत प्राइवेट स्कूलों से खराब है. सरकारी स्कूलों के बच्चे पीछे रह जाते हैं. इसी शिकायत को दूर करने के लिए हमारी सरकार प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों को मॉडल स्कूल बना रही है.">https://lagatar.in/category/jharkhand/south-chotanagpur-division/ranchi/">

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हमारा वादा था, सरकारी स्कूलों में प्राइवेट स्कूल की तर्ज पर देंगे शिक्षा

मीडिया से बातचीत में सीएम ने कहा कि बन रहे मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सरकार सभी तरह की अत्याधुनिक सुविधा देने जा रही है. इन स्कूलों के लिए शिक्षकों की भी भर्ती की जाएगी. हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार बनने से पहले झारखंड की जनता को हमने वादा किया था कि उन्हें हम सरकारी स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा देंगे. हालांकि कोरोना के कारण इस काम में कुछ देरी हुई है. लेकिन अगले सत्र में मॉडल स्कूलों में पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी. इसे भी पढ़ें-धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-case-done-against-husband-so-brother-in-law-is-threatening-to-take-away-minor-sister/">धनबाद

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संवेदकों को मुख्यमंत्री का कड़ा निर्देश, काम में नहीं बरतें लापरवाही

इसी दौरान सीएम ने मॉडल स्कूल का निर्माण कर रहे संवेदकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि काम में वे लापरवाही नहीं बरतें. अगर ऐसा वे करते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश

  • सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मल्टीपरपस हॉल की व्यवस्था हो, ताकि यहां बच्चों की सभी एक्टिविटी को बेहतर तरीके से आयोजित किया जा सके.
  • पुराने भवन और बन रहे भवन को एक परिसर में लाया जाये, दोनों भवनों में आने -जाने के लिए कॉरिडोर हो.
  • विद्यालय भवन परिसर में जल संरक्षण को लेकर वाटर हार्वेस्टिंग की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए.
  • विद्यालय परिसर की चहारदीवारी हो, ताकि उसका अतिक्रमण नहीं किया जा सके.
  • यहां इनडोर और आउटडोर खेलों के लिए समुचित व्यवस्था हो.
  • विद्यालय परिसर में चहारदीवारी के चारों ओर पेड़ - पौधे लगाए जाएं.
  • निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव राजेश शर्मा उपस्थित थे.
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