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प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना पर मोदी कैबिनेट की मुहर, छात्रों को दस लाख तक का ऋण

NewDelhi :   केंद्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार ने देश के मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना पर मुहर लगा दी है,  जिसके तहत छात्रों को दस लाख रूपये तक का ऋण प्रदान किया जायेगा. बता दें कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी. सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यहां संवाददाता सम्मेलन कर  मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी दी. कहा कि इस योजना के लिए वर्ष 2024-25 से 2030-31 के दौरान 3,600 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है और इस अवधि के दौरान 7 लाख नये छात्रों को इस का लाभ मिलने की उम्मीद है.उन्होंने कहा कि ऐसे छात्र जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 8 लाख रुपये तक है और जो किसी अन्य सरकारी छात्रवृत्ति या ब्याज छूट योजना के तहत लाभ के पात्र नहीं हैं, उन्हें ऋण स्थगन अवधि के दौरान 10 लाख रुपये तक के ऋण पर 3 प्रतिशत ब्याज छूट भी प्रदान की जायेगी.

 हर साल एक लाख छात्रों को  ब्याज छूट सहायता दी जायेगी

हर साल एक लाख छात्रों को ब्याज छूट सहायता दी जायेगी. उन छात्रों को प्राथमिकता दी जायेगी जो सरकारी संस्थानों से हैं और जिन्होंने तकनीकी, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का विकल्प चुना है. इसके साथ ही 7.5 लाख रुपये तक की ऋण राशि के लिए, छात्र बकाया डिफ़ॉल्ट के 75 प्रतिशत की क्रेडिट गारंटी के लिए भी पात्र होगा. इससे बैंकों को योजना के तहत छात्रों को शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी. खबरों के अनुसार प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी एक नयी केंद्रीय क्षेत्र योजना है, जिसका उद्देश्य मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि वित्तीय बाधाएं किसी को भी उच्च अध्ययन करने से न रोक सकें. पीएम विद्यालक्ष्मी राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 से निकली एक और महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें सिफारिश की गयी थी कि सार्वजनिक और निजी दोनों ही तरह के उच्च शिक्षा संस्थानों में विभिन्न उपायों के माध्यम से मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए.    

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