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मोदी ने दवा और ऑक्सीजन के स्टॉक पर चर्चा की, वैक्सीनेशन और तेज करने के निर्देश दिये

New Delhi : कोरोना के नये वैरिएंट ओमिक्रोन के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को समीक्षा बैठक की. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अधिकारियों के साथ देश में इस वैश्विक महामारी की ताजा स्थिति की समीक्षा की और भावी कदमों के बारे में चर्चा की. इसमें स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों के अफसर मौजूद थे. मीटिंग में ओमिक्रॉन के बढ़ते केस को रोकने के लिए अस्पतालों की तैयारियों को लेकर बातचीत हुई. शाम करीब 7 बजे शुरू हुई यह मीटिंग एक घंटे चली. इसमें प्रधानमंत्री ने अफसरों को दवाई और ऑक्सीजन के स्टॉक को बेहतर करने के निर्देश दिये. साथ ही देशभर में वैक्सीनेशन बढ़ाने को लेकर भी तेजी से काम करने को कहा.

ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीनेट करने पर फोकस करें

मोदी ने अफसरों को उन जिलों की पहचान करने के निर्देश दिये जहां वैक्सीनेशन की स्थिति अभी ठीक नहीं है. उन्होंने अफसरों से कहा कि वे राज्य से वैक्सीनेशन में आने वाली परेशानियों को लेकर बातचीत करें और उसे जल्द से जल्द ठीक कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीनेट करने पर फोकस करें.  यह ओमिक्रॉन के सामने आने के बाद उनकी दूसरी समीक्षा बैठक है. इससे पहले उन्होंने 28 नवंबर को भी बैठक कर देश में महामारी के हालात की समीक्षा की थी.

भारत में ‘ओमिक्रोन’ के अब तक 236 मामले

यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब भारत में ‘ओमिक्रोन’ के 236 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 104 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं या अन्य स्थानों पर चले गये. ये मामले 16 राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों में सामने आये. स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, बैठक में कोरोना प्रबंधन से जुड़े सभी उच्च अधिकारी शामिल हुए. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बैठक में ओमिक्रॉन के नये मरीजों, लक्षण और अत्यधिक संक्रामक होने के बारे में जानकारी दी. बैठक में हालात से निपटने के लिए राज्यों के साथ मिलकर बनायी जा रही योजनाओं पर भी चर्चा हुई.

ओमिक्रॉन को लेकर केंद्र सरकार ने दी राज्यों को सलाह

इसी बीच गुरुवार को केंद्र सरकार ने ओमिक्रॉन को लेकर राज्यों की तैयारियों का जायजा लिया. इस दौरान राज्यों को जिलों में पॉजिटिव केस, डबलिंग रेट और क्लस्टर पर नजर रखने की सलाह दी गयी है. साथ ही राज्यों से सतर्क रहने की सलाह दी गयी है और सभी सावधानियों का पालन करने के लिए कहा गया है. राज्यों को त्योहारों पर स्थानीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने की सलाह दी गयी है. राज्यों से कहा गया है कि फुली वैक्सीनेशन गंभीर स्थिति यहां तक कि ओमिक्रॉन और अस्पताल में भर्ती होने से रक्षा कर सकता है, ऐसे में डोर टू डोर वैक्सीनेशन कराया जाये.

त्योहारों पर स्थानीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने की सलाह

1- नाइट कर्फ्यू लगाएं, जमावड़ों पर रोक लगायी जाये, खासकर आने वाले त्योहारों के मद्देनजर. कोरोना के केस बढ़ने पर कंटेनमेंट और बफर जोन का निर्धारण करें. 2- टेस्टिंग और सर्वेलांस पर विशेष ध्यान दिया जाये. ICMR और स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक, टेस्ट कराए जाएं. डोर टू डोर केस सर्च और आरटीपीसीआर टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाये.   3- अस्पतालों में बेड, एंबुलेंस और स्वास्थ्य उपकरण बढ़ाने पर फोकस किया जाये. ऑक्सीजन का बफर स्टॉक बनाया जाये. 30 दिन की दवाओं का स्टॉक बनाएं. 4- लगातार जानकारी दी जाये, ताकि अफवाह न फैले, राज्य रोजाना प्रेस ब्रीफिंग करें. 5- राज्य 100% वैक्सीनेशन पर फोकस करें. सभी वयस्कों को दोनों डोज सुनिश्चित करने के लिए डोर टू डोर अभियान चलाया जाये. इसे भी पढ़ें – JSSC">https://lagatar.in/jssc-recruitment-for-956-posts-check-details-here/">JSSC

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