Ranchi : महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय नेता नेटा डिसूजा ने कहा कि अग्निवीर योजना के जरिए मोदी सरकार ने उन 1.5 लाख युवाओं के सपनों को चकनाचूर कर दिया, जिन्हें नियमित भर्ती के तहत कठिन मानसिक और शारीरिक परीक्षण के बाद सेना में भर्ती होना था. कहा कि भाजपा ने लाखों युवाओं को धोखा दिया है. डिसूजा ने कहा कि बेरोजगारी 45 साल के उच्चतम स्तर पर है. कांग्रेस भवन में आयोजित एक प्रेस वार्ता में डिसूजा ने कहा कि राहुल गांधी ने 31 जनवरी को युवाओं को न्याय मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए अन्याय के विरुद्ध जय जवान... अभियान शुरू किया है. इस मौके पर मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा, संगठन महासचिव अमूल्य नीरज खलखो, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष गुंजन सिंह, सैनिक विभाग के अध्यक्ष सुबेदार एचएन यादव, प्रदेश प्रवक्ता जगदीश साू, ऋषिकेश सिंह उपस्थित थे.
राहुल ने शुरू किया है युवाओं के लिए जय जवान.. अन्याय के विरुद्ध न्याय अभियान
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कांग्रेस, 31 जनवरी को बिहार में राहुल गांधी द्वारा शुरू किये गये राष्ट्रव्यापी अभियान जय जवान.. अन्याय के विरुद्ध न्याय का युद्ध के माध्यम से युवा न्याय सुनिश्चित करेगी. कहा कि यह अभियान 1.5 लाख युवाओं की दुर्दशा पर प्रकाश डालता है, कहा कि इन युवाओं को कठोर चयन प्रक्रिया से गुजरने के बाद 2019 और 2022 के बीच एक नियमित भर्ती अभियान के तहत हमारे तीन गौरवशाली सैन्य बलों भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना में स्वीकार किया गया था. लेकिन उन्हें सारी प्रक्रियाओं के बाद भी भर्ती से वंचित कर दिया गया, क्योंकि मोदी सरकार ने अचानक सशस्त्र बलों पर अग्निपथ योजना थोप दी. पूर्व सेना प्रमुख ने अग्निपथ योजना के साजिश का किया है खुलासा
डिसूजा ने बताया कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के अनुसार अग्निपथ योजना सशस्त्र बलों के लिए अचानक वज्रपात बनकर आयी है. इसे केवल भारतीय सेना में लागू किया जाना था, लेकिन बाद में इसे भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना पर भी लागू कर दिया गया. चार साल बाद रोटेशन 75 प्रतिशत था, जिसे बाद में बदल कर 25 प्रतिशत कर दिया गया. जय जवान अभियान की दो महत्वपूर्ण मांगें
-अग्निपथ योजना लागू होने से 1.5 लाख युवाओं से क्रूरतापूर्वक छीनी गयी नौकरियां वापस हो - सैन्य बलों के लिए पिछली भर्ती प्रणाली को बहाल करें. तीन चरणों में चलेगा यह अभियान
राष्ट्रव्यापी जय जवान अभियान तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है. 31 जनवरी से शुरू हुआ यह अभियान 20 मार्च तक चलेगा. प्रथम चरण के तहत 30 लाख परिवारों तक पहुंचा जायेगा. इस क्रम में सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को आंदोलन में शामिल होने का अनुरोध किया जायेगा. दूसरे चरण में सत्याग्रह चलेगा. इसके तहत अधिक से अधिक युवाओं और उनके परिवारों तक पहुंचना, जानकारी इकट्ठा करना और उन्हें चल रहे अभियान के बारे में जागरूक करना शामिल है, तीसरे चरण में सभी जिलों में 50 किमी पदयात्रा होगी. यह यात्रा संयोजक समिति और न्याय योद्धाओं के नेतृत्व में निकाली जायेगी. [wpse_comments_template]
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