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असली राष्ट्र विरोधी है मोदी सरकार, सत्ता का दुरुपयोग कर संविधान को नष्ट कर रही है : सोनिया गांधी

NewDelhi : विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों को जबरन चुप कराने और देशद्रोही घोषित करने का चलन खतरनाक है. इससे लोकतंत्र नष्ट हो जाएगा. कांग्रेस ने बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर की जयंती के मौके पर शुक्रवार को यह बात कही. इस अवसहर पर पार्टी संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि भारतीय नागरिकों को धर्म, जाति, भाषा और लिंग के आधार पर बांटने एवं उन्हें एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करने वाले असली राष्ट्र विरोधी हैं. इसे भी पढ़ें : RSS">https://lagatar.in/rss-chief-mohan-bhagwat-will-address-more-than-10000-volunteers-in-gujarat-today/">RSS

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संविधान को बचाने के लिए कदम आगे बढ़ायें

सोनिया गांधी ने लोगों का आह्वान किया कि वे सुनियोजित ढंग से हो रहे हमले से संविधान को बचाने के लिए कदम आगे बढ़ायें. आंबेडकर जयंती पर समाचार पत्र द टेलीग्राफ में लिखे एक लेख में सोनिया गांधी ने कहा, आज हम बाबासाहेब की विरासत का सम्मान करते हैं. इसके साथ ही हमें उनकी उस चेतावनी को भी याद रखना होगा कि संविधान की सफलता उन लोगों के व्यवहार पर निर्भर करती है जिन्हें शासन करने का उत्तरदायित्व मिला है. इसे भी पढ़ें :  नागालैंड">https://lagatar.in/nagaland-government-did-not-approve-prosecution-of-army-personnel-14-people-were-killed-in-firing/">नागालैंड

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भारतीय नागरिकों में बंधुत्व की भावना की जड़ें गहरी हैं

उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर संविधान को नष्ट कर रही है तथा न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व की बुनियादों को कमजोर कर रही है. लिखा कि आज असली राष्ट्र विरोधी वह लोग हैं जो भारतीय नागरिकों को धर्म, जाति, भाषा और लिंग के आधार पर बांटने के लिए सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं. सोनिया गांधी ने कहा, शुक्र है कि सत्ता के प्रयासों के बावजूद भारतीय नागरिकों में बंधुत्व की भावना की जड़ें गहरी हैं.

यह गंभीर आत्मनिरीक्षण का समय है

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आंबेडकर जयंती पर जारी एक बयान में संविधान निर्माता के योगदान का विस्तृत उल्लेख करते हुए उनके कुछ कथनों को उद्धृत किया. कहा कि यह गंभीर आत्मनिरीक्षण का समय है, क्या हम अपने लोकतंत्र के पतन की अनुमति देंगे और तानाशाही के लिए मार्ग प्रशस्त करेंगे? खड़गे ने कहा, विपक्षी दल हों या सामाजिक समूह, गैर सरकारी संगठन, न्यायपालिका, मीडिया व आम नागरिक हों, उन्हें जबरन चुप कराना और देशद्रोही घोषित करना एक खतरनाक चलन है. यह हमारे लोकतंत्र को खत्म कर देगा और हमारे संविधान को नष्ट कर देगा.

क्या हम अपने लोकतंत्र के पतन की अनुमति देंगे

उन्होंने कहा, बाबासाहेब ने हमें भारतीय राजनीति के संदर्भ में नायक-पूजा या भक्ति की बुराइयों के बारे में चतावनी दी थी.यह गंभीर आत्मनिरीक्षण का समय है, क्या हम अपने लोकतंत्र के पतन की अनुमति देंगे और तानाशाही के लिए मार्ग प्रशस्त करेंगे? या हमारे संविधान निर्माताओं के बेहतरीन आदर्शों की रक्षा करने का प्रयास करेंगे?’’ कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘बाबासाहेब ने जिस संविधान की रचना की थी आज उस पर हमले हो रहे हैं. संसद में जनता के मुद्दों पर चर्चा रोकी जा रही है, संसद को चलने नहीं दिया जाता और नये संसद भवन के लिए करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं.

बेरोजगारी, महंगाई या अडानी घोटाले पर बात नहीं कर सकते

उन्होंने आरोप लगाया, हम जनता से जुड़े किसी भी मुद्दे - बेरोजगारी, महंगाई या अडानी घोटाले पर बात नहीं कर सकते. आरोप लगाया कि विपक्ष को निशाना बनाने के लिए सीबीआई और ईडी का दुरुपयोग किया जा रहा है. कानून मंत्री अब न्यायपालिका पर खुले हमले कर रहे हैं.’’ कांग्रेस नेता ने कटाक्ष करते हुए, ‘‘आज प्रधानमंत्री की नायक-पूजा हो रही है. जबकि संविधान सभा के अपने अंतिम भाषण में बाबासाहेब ने ऐसी औचित्यहीन नायक-पूजा के ख़िलाफ़ चेतावनी देते हुए कहा था कि राजनीति में, भक्ति पतन और अंततः तानाशाही के लिए एक निश्चित मार्ग है. आज के भक्तों को उनकी बुद्धिमानी भरी बातें सुननी चाहिए. [wpse_comments_template]  

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