New Delhi : प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार सच का सामना करने से डरती है. पिछले 12 वर्षों में उसने लोकतंत्र का आईना माने जाने वाले विपक्ष तथा मीडिया की आवाज को दबाने का काम किया है.
2014 में जो LPG 414 रुपए में मिल रहा था, वो आज 915 रुपए का हो गया है- यानी 121% की बढ़त।
— Congress (@INCIndia) May 20, 2026
आज हालात ये हैं 👇
⦿ कमर्शियल सिलेंडर ब्लैक में बिक रहा है
⦿ बाहर खाने-पीने की कीमतें बढ़ चुकी हैं
⦿ दूध और ब्रेड की कीमत भी बढ़ा दी गई है
⦿ रुपया लगातार गिरते हुए 97 तक जा पहुंचा है… pic.twitter.com/1kUfvTt4Hh
यह आरोप कांग्रेस का है. कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने आज बुधवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मोदी सरकार पर हमला बोला.
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी देश में जारी आर्थिक संकट के लिए वैश्विक युद्धों को जिम्मेदार ठहराते हैं, लेकिन सच यह है कि देश की अर्थव्यवस्था पहले से ही चुनौतियों का सामना कर रही थी.
पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस लगातार इस संबंध में चेतावनी देती रही है. लोकतंत्र में विपक्ष और मीडिया वह आईना होते हैं, जो सत्ता को सच्चाई दिखाते हैं, लेकिन सच का सामने करने से डरने वाली मोदी सरकार इस आईने को तोड़ने का काम कर रही है.
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की, क्योंकि उन्हें डर है कि मीडिया उनसे कठिन सवाल पूछ सकता है. आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री एक ओर देश को नसीहत देते हैं, दूसरी ओर विदेश यात्रा पर चले जाते हैं, लंबे रोड शो करते हैं.
पवन खेड़ा ने उन्होंने भाजपा नेताओं पर हल्ला बोलते हुए कहा, कई नेता सार्वजनिक परिवहन या बाइक पर चलने का प्रदर्शन करते हैं, जबकि पीछे उनका पूरा वाहन काफिला चलता है.
संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस नेता ने दावा किया कि 2014 में 414 रुपये में मिलने वाला एलपीजी सिलेंडर अब 915 रुपये का हो गया है.कमर्शियल सिलेंडर ब्लैक में बिक रहा है. खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतें बढ़ चुकी हैं.
दूध और ब्रेड जैसी जरूरी वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही है. आरोप लगाया कि रुपया 97 के स्तर तक पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि मोदी पहले 60 दिन, फिर 60 महीने मांगते रहे और अब 2047 तक का समय मांग रहे हैं.
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में पेट्रोल की कीमतों में 38 तथा डीजल की कीमतों में 62 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में कच्चे तेल की कीमतें अधिक होने के बावजूद पेट्रोल-डीजल की कीमतें नियंत्रित रहीं थी.
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