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देश विरोधी प्रोपेगेंडा के खिलाफ कार्रवाई, यू-ट्यूब के 20 चैनलों पर लगाया प्रतिबंध

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Hyderabad  : सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने यूट्यूब के 20 चैनलों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश दिये हैं. इसके अलावा दो वेबसाइटों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. इन पर भारत विरोधी प्रचार करने के आरोप लगे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, खुफिया विभाग ने इन चैनलों के खिलाफ रिपोर्ट सौंपी थी. सूत्र बताते हैं कि ये वेबसाइट पाकिस्तान से दिशा-निर्देश ले रहे थे. उनका मकसद भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करना था. इनका मुख्य मकसद सेना, कश्मीर और अल्पसंख्यकों को लेकर भ्रम खड़ा करना था.

इन यूट्यूब चैनलों को बैन किया गया है

मंत्रालय द्वारा साझा किये गये विवरण के अनुसार, जिन 20 यूट्यूब चैनलों को अवरुद्ध करने का आदेश दिया गया है, उनमें द पंच लाइन, इंटरनेशनल वेब न्यूज, खालसा टीवी, द नेकेड ट्रुथ, 48 न्यूज, फिक्शनल, हिस्टोरिकल फैक्ट्स, पंजाब वायरल, नया पाकिस्तान ग्लोबल, कवर स्टोरी, गो ग्लोबल ईकॉमर्स, जुनैद हलीम ऑफिशियल, तैयब हनीफ, जैन अली ऑफिशियल, मोहसिन राजपूत ऑफिशियल कनीज फातिमा, सदफ दुर्रानी, ​​मियां इमरान अहमद और नजम उल हसन बाजवा शामिल हैं.

झूठी खबरें प्रायोजित की जा रही थी

मंत्रालय की रिपोर्ट में बताया गया है कि इन चैनलों के 35 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर थे. उनके वीडियो को 50 करोड़ से अधिक बार देखा गया. किसान आंदोलन और सीएए के खिलाफ चले विरोध को अधिक उग्रता से यहां पर दिखाया जा रहा था. इस रिपोर्ट के अनुसार इन चैनलों ने जनरल बिपिन रावत और राम मंदिर पर भी झूठी खबरें प्रायोजित की हैं.

भारत में भय और भ्रम का माहौल पैदा कर रहे थे

सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने वीडियो संदेश में कहा कि 20 यूट्यूब चैनलों और दो वेबसाइटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गयी है, क्योंकि वे भारतीय कानूनों का उल्लंघन कर फर्जी समाचार और भारत विरोधी सामग्री चलाकर भारत में भय और भ्रम का माहौल पैदा कर रहे थे. मंत्री ने कहा,  उनके (चैनल और वेबसाइट) खिलाफ आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) नियमों के तहत कार्रवाई की गयी है, ताकि पाकिस्तान भारत के खिलाफ जो एजेंडा चलाता है (उस पर अंकुश लगे). उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गयी है, ताकि ऐसी ताकतें भारत के खिलाफ काम न करें. मंत्री ने अपने ट्वीट में भी कहा कि फर्जी खबरें और दुष्प्रचार फैलाकर भारत में अशांति फैलाने के उद्देश्य से सीमा पार से हो रही गतिविधियों के खिलाफ हमने सख्त कार्रवाई की है. मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि भारत विरोधी दुष्प्रचार में पाकिस्तान से संचालित नया पाकिस्तान समूह (एनपीजी) शामिल है, जिसके पास विभिन्न यूट्यूब चैनल का एक नेटवर्क है. इसमें कहा गया कि कुछ अन्य यूट्यूब चैनल भी हैं, जो एनपीजी से संबंधित नहीं हैं.

भारत विरोधी सामग्री के स्क्रीन शॉट् भी साझा किये

खुफिया एजेंसियों तथा सूचना और प्रसारण मंत्रालय के बीच एक समन्वित प्रयास में,  मंत्रालय ने इंटरनेट पर भारत विरोधी दुष्प्रचार और फर्जी खबरें फैला रहे 20 यूट्यूब चैनल तथा दो वेबसाइट को अवरुद्ध करने का सोमवार को आदेश दिया. मंत्रालय ने उन 20 यूट्यूब चैनलों की सूची साझा की, जिन्हें अवरुद्ध करने का आदेश दिया गया है और साथ ही उन पर चलायी गयी कुछ तथ्यात्मक रूप से गलत तथा भारत विरोधी सामग्री के स्क्रीन शॉट् भी साझा किये.

35 लाख से अधिक लोगों का संयुक्त ग्राहक आधार था

इसने कहा कि उनके पास 35 लाख से अधिक लोगों का संयुक्त ग्राहक आधार था और उनके वीडियो को 55 करोड़ से अधिक बार देखा गया. इसने कहा है कि नया पाकिस्तान समूह (एनपीजी) के कुछ यूट्यूब चैनल पाकिस्तानी समाचार चैनलों के एंकर द्वारा संचालित किये जा रहे थे. इसने कहा कि यह भी आशंका थी कि इन यूट्यूब चैनल का इस्तेमाल पांच राज्यों में आगामी चुनावों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने के वास्ते सामग्री पोस्ट करने के लिए किया जायेगा.

इन यूट्यूब चैनलों पर दिखायी गयी तथ्यात्मक रूप से गलत सामग्री

बयान के अनुसार, इन यूट्यूब चैनलों पर दिखायी गयी तथ्यात्मक रूप से गलत सामग्री में `जो बाइडन ने मोदी पर प्रतिबंध लगाये क्योंकि आरएसएस ने ईसाई स्कूलों को नष्ट कर दिया`, `पीएम मोदी ने कश्मीर में हार मान ली-अनुच्छेद 370 बहाल`, `श्रीनगर में भारतीय सेना के 200 जवानों ने इस्लाम स्वीकार किया, `5000 असम मुस्लिम अफगान तालिबान में शामिल` और `पाकिस्तान के युद्धक जेट कश्मीर में प्रवेश किया-परमाणु युद्ध की शुरुआत` जैसी चीजें भी शामिल हैं. इसे भी पढ़ें – Delta">https://lagatar.in/omicron-spreads-three-times-faster-than-delta-center-warns-states/">Delta

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