- सरकार राज्यसभा की उदार सोच के कारण कडे निर्णय कर पायी
- राज्यसभा में संघवाद की सुगंध भी हैNew Delhi : भारत के संसदीय लोकतंत्र में राज्यसभा के योगदान की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि उच्च सदन के सदस्यों की उदार सोच के कारण ही यह संभव हो पाया कि संख्या बल नहीं होने के बावजूद उनकी सरकार पिछले नौ वर्ष में कुछ कड़े निर्णय कर पायी. प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात नये संसद भवन में राज्यसभा की पहली बैठक को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा कि आज का दिवस यादगार भी है और ऐतिहासिक भी. उन्होंने भारत के संसदीय लोकतंत्र में राज्यसभा के योगदान की चर्चा करते हुए हुए कहा कि संविधान निर्माताओं का यह आशय रहा है कि राज्यसभा राजनीति की आपाधापी से ऊपर उठ कर गंभीर बौद्धिक विचार-विमर्श का केंद्र बने और देश को दिशा देने का सामर्थ्य यहीं से निकले. उन्होंने कहा कि राज्यसभा में संघवाद की सुगंध भी है. उन्होंने कहा कि नया संसद भवन केवल एक नयी ‘बिल्डिंग’ नहीं है बल्कि एक नयी शुरुआत का प्रतीक भी है.
देश ज्यादा प्रतीक्षा नहीं कर सकता
उन्होंने कहा, हमें तय समय सीमा में लक्ष्यों को पूरा करना है, क्योंकि देश ज्यादा प्रतीक्षा नहीं कर सकता. हम अपने आचरण, अपने व्यवहार से संसदीय शुचिता के प्रतीक के रूप में देश की विधानसभाओं को, देश की स्थानीय स्वराज संस्थाओं को, बाकी सारी व्यवस्थाओं को प्रेरणा दे सकते हैं. उन्होंने कहा, जब हम आजादी की शताब्दी मनायेंगे, तो वह विकसित भारत की स्वर्ण शताब्दी होगी. पुराने संसद भवन में हम पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में पहुंचे थे और नये संसद भवन में हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे.इसे भी पढ़ें – विधेयक">https://lagatar.in/support-the-bill-but-it-is-a-fool-women-bill-aam-aadmi-party/">विधेयक
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राज्यसभा में बोले मोदी - संसद का नया भवन नई शुरुआत का प्रतीक
Last Updated: Sep 19, 2023 12:00 AM (IST)
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