National News : RSS चीफ मोहन भागवत ने कहा है कि यदि हिंदू जागेगा तो दुनिया जागेगी. उन्होंने भारत के डीएनए की बात कही. दूसरों की मदद के लिए हाथ बढ़ाने की भारत की परंपरा को याद किया. श्री भागवत कनाडा में हिंदू विश्व बंधु-एम्ब्रेस द वर्ल्ड इन फ्रेंडशिप कार्यक्रम में बोल रहे थे. इससे पहले मोहन भागवत ने अमेरिका के न्यूयॉर्क में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया था.
VIDEO | Toronto, Canada: RSS chief Mohan Bhagwat (@DrMohanBhagwat) says, "... All our prayers originated in the land called Bharat, but they were never meant only for Bharat. They were for the whole universe. That we know. I am not telling you anything new. I am telling you what… pic.twitter.com/M3gtuOHl0p
— Press Trust of India (@PTI_News) August 31, 2026
कनाडा के टोरंटो में इस कार्यक्रम का आयोजन कनाडियन हिंदूज फॉर आउटरीच, रिलेशंस एंड डायलॉग (CHORD) ने किया था. कार्यक्रंम में कनाडा के पूर्व रक्षा मंत्री और अल्बर्टा के पूर्व प्रीमियर जेसन केनी ने भी शिरकत की. अपनी बात रखते हुए मोहन भागवत ने कहा, भारत का उत्कर्ष इस बात से मापा जाना चाहिए कि कि वह एकजुट मानवता के लिए कितना योगदान देता है, इस बात से नहीं कि वह कितना शक्तिशाली बन रहा है मोहन भागवत ने भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए सेवा, विविधता और वैश्विक मित्रता के संदर्भ में भारत के सिविलाइजेशन थॉट को सामने रखा.
भागवत ने कहा कि भारत के उत्कर्ष का अर्थ व्यापक एकजुटता और अधिक स्वतंत्र मानवता है. उनका तर्क था कि एक समय भारत को महाशक्ति कहा जा सकता था, लेकिन वह महाशक्ति नहीं था. भारत ने दुनिया की सेवा की. अपने चरित्र के कारण विष्णु गुरु बना, महाशक्ति’ नहीं. कहा कि भारतीय परंपरा आमजन को विविधता में एकता देखने की शिक्षा देती है. भागवत ने इस विचार को वसुधैव कुटुंबकम से जोड़ते हुए समझाया कि पूरी दुनिया एक परिवार है.
उन्होंने कहा कि भारतीयों के पूर्वजों ने मेक्सिको से साइबेरिया तक के क्षेत्रों में प्रवास किया. हिमालय को पैदल पार किया. चीन, साइबेरिया और मंगोलिया गये. छोटी नावों के सहारे दक्षिण-पूर्व एशिया गये. लेकिन उन्होंने किसी देश पर विजय हासिल करने की कोशिश नहीं की. कार्यक्रम में मौजूद कनाडा के पूर्व रक्षा मंत्री और अल्बर्टा के पूर्व प्रीमियर जेसन केनी भी शामिल थे.
केनी ने कनाडा-भारत संबंधों में फिर से आयी गर्मजोशी का स्वागत करते हुए कहा, प्रधानमंत्री मोदी का कनाडा दौरा इस साल के अंत में हो सकता है. इस पर कार्यक्रम में मौजूद लोग मोदी, मोदी चिल्लाने लगे लगाए.CHORD के आयोजक नरेश चावड़ा के अनुसार कार्यक्रम में कनाडा के आठ राज्यों से 2,500 से ज्यादा हिंदू समुदाय के लोग शामिल हुए. इनमें कनाडाई रॉयल एयर फोर्स के पूर्व अधिकारी कार्तिक त्रिवेदी ने भी शामिल थे.
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