New Delhi : भारत 5000 साल से सेक्युलर रहा है. सभी तत्वों के ज्ञान का यही सार है. सारा विश्व एक परिवार है, यह हमारी भावना है. यह महज एक सिद्धांत नहीं है, इसे जानने, मानने और इसके अनुसार आचरण करने की जरूरत है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने आज बुधवार को संघ के कार्यकर्ता रंगा हरि की किताब-पृथ्वी सूक्त- एन ओड टु मदर नेचर के लॉन्च इवेंट पर यह विचार व्यक्त किये. ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">
नेशनल खबरों के लिए यहां क्लिक करें इस अवसर पर मोहन भागवत ने कहा कि हम अपनी मातृभूमि को अपनी राष्ट्रीय एकता का अहम भाग मानते हैं. इस क्रम में संघ के प्रमुख ने लोगों से अपील की कि वे मातृभूमि के लिए भक्ति, समर्पण और प्रेम की भावना रखें. उन्होंने दुनिया के सामने मानव व्यवहार का सर्वोत्तम उदाहरण पेश करने का आह्वान किया.
नेशनल खबरों के लिए यहां क्लिक करें इस अवसर पर मोहन भागवत ने कहा कि हम अपनी मातृभूमि को अपनी राष्ट्रीय एकता का अहम भाग मानते हैं. इस क्रम में संघ के प्रमुख ने लोगों से अपील की कि वे मातृभूमि के लिए भक्ति, समर्पण और प्रेम की भावना रखें. उन्होंने दुनिया के सामने मानव व्यवहार का सर्वोत्तम उदाहरण पेश करने का आह्वान किया.
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