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मोहन भागवत ने कहा, व्यक्ति अहंकार से दूर रहे तो अच्छा, नहीं छोड़ा, तो गड्ढे में गिर जायेगा...

 
श्री भागवत ने कहा, हर व्यक्ति में एक सर्वशक्तिमान ईश्वर होता है, जो समाज की सेवा करने की प्रेरणा देता है, Pune : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि व्यक्ति को अहंकार से दूर रहना चाहिए. अहंकार नहीं छोड़ा तो वह गड्ढे में गिर सकता है. मोहन भागवत पुणे में सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए समाज के सभी वर्गों को मजबूत होना बहुत जरूरी है.

राष्ट्र की प्रगति केवल सेवा तक सीमित नहीं रहे

श्री भागवत ने कहा, हर व्यक्ति में एक सर्वशक्तिमान ईश्वर होता है, जो समाज की सेवा करने की प्रेरणा देता है, लेकिन वहां अहंकार भी होता है. कहा कि राष्ट्र की प्रगति केवल सेवा तक सीमित नहीं रहे. सेवा का उद्देश्य नागरिकों को विकास में योगदान देने में सक्षम बनाना होना चाहिए. सरसंघचालक ने कहा, समाज में सब कुछ गलत होने की धारणा बढ़ती जा रही है. सभी को लगता है कि समाज में सब कुछ गलत हो रहा है. लेकिन हर नकारात्मक पहलू के लिए समाज में 40 गुना ज्यादा अच्छी और शानदार सेवा की जा रही है. इस बारे में लोगों को जानकारी देना जरूरी है.

संघ चुनाव के नतीजों के विश्लेषण में नहीं उलझता

याद करें कि मोहन भागवत ने लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद 10 जून को नागपुर में कहा था, मुकाबला झूठ पर आधारित न हो. कहा था कि जब चुनाव होता है तो मुकाबला जरूरी होता है. इस दौरान दूसरों को पीछे धकेलना भी होता है, लेकिन इसकी एक सीमा होती है. यह मुकाबला झूठ पर आधारित नहीं होना चाहिए. संघ चुनाव के नतीजों के विश्लेषण में नहीं उलझता. लोग जनादेश देते हैं, तो सब कुछ उसी के अनुसार होगा. क्यों? कैसे? संघ इसमें नहीं पड़ता. श्री भागवत ने मणिपुर की स्थिति पर कहा था कि मणिपुर एक साल से शांति की राह देख रहा है.पिछले 10 साल से राज्य में शांति थी, लेकिन अचानकवहां गन कल्चर बढ़ गया. इस समस्या को प्राथमिकताके आधार पर सुलझाया जाना चाहिए.
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