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हिमाचल में मानसून का कहर, मूसलाधार बारिश और भूस्खलन से सात इमारतें ढह गयी

Shimla : हिमाचल में इस साल मानसून कहर बरपा रहा है. पिछले तीन दिन से हो रही मूसलाधार बारिश से जगह-जगह तबाही मच गयी ह। लगातार हो रही भारी बारिश से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार राज्य भर में अब तक 2237 मकान और 300 दुकानें ध्वस्त हो गये हैं. 9924 मकानों को आंशिक नुकसान हुआ है.                            ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में बारिश और भूस्खलन की वजह से एक लाइन से कई ऊंची इमरातें ढह जाने की सूचना है. कुल्लू के आनी में बस स्टैंड के पास सात इमारतें एक साथ ढह गयी. घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है. प्रशासनिक अधिकारी सहित पुलिस टीम मौके पर मौजूद हैं

इमारतों के गिरने के साथ चीख पुकार मच गयी

कई इमारतों के ढह जाने का खतरा बरकरार है. हादसे के एक वीडियो में दिख रहा है कि इमारतों के गिरने के साथ चीख पुकार मच गयी है. खबरों के अनुसार जो इमारतें ढह गयीं, उनमें कुछ निर्माणाधीन इमारतें थीं. अन्य कुछ इमारतों में लोग रह रहे थे. भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने इन घरों को खाली करा लिया था. वर्तमान समय में ढह गये दो भवनों में बैंकों के कार्यालय चल रहे थे. अन्य भवनों किरायेदार रह रहे थे. कुछ में दुकानें चल रही थीं. कुछ इमारतें निर्माणाधीन थी.

भवनों और मकानों को खाली करवा दिया गया था

जान लें कि कुल्लू जिला प्रशासन ने खतरे की आशंका को देखते हुए इन भवनों और मकानों को खाली करवा दिया था. इस वजह से किसी की जान नहीं गयी.जानकारी के अनुसार एक माह पहले हुई भारी वर्षा के कारण इन मकानों में दरारें पड़ गयी थी. खतरा भांपते हुए प्रशासन ने भवन मालिकों को खाली करने के नोटिस जारी किये थे. आनी के एसडीएम नरेश वर्मा ने बताया कि इमारतों के गिरने की घटना में जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है [wpse_comments_template]

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