राज्य गठन में अहम भूमिका निभाने वाले ही हो रहे हैं उपेक्षा के शिकार
राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि अब झारखंड में सदानों की पहचान और आस्था के लिए अपना झंडा होगा. उन्होंने कहा कि झारखंड में मूलवासी सदानों का सबसे पुराना इतिहास रहा है. झारखंड के सबसे पुराने वाशिंदाहैं. इसके बावजूद सदान का राज्य में घोर उपेक्षा होते रही है. उन्होंने कहा कि मूलवासी सदान मोर्चा ने इसके लिए प्रयास किया है. इसके बाद ही सदानों का झंडा का विमोचन 22 जनवरी को विधिवत किया जाएगा. झंडा सदनों की आस्था और पहचान का प्रतीक होगा. झंडा विमोचन के समय आजादी से पहले आसाम, बंगाल, सहित अन्य राज्यों में सदान भारी संख्या में जाकर बस गए हैं. वहां भी अब मूलवासी सदान मोर्चा का गठन कर लिया गया है. बैठक के पश्चात सामाजिक न्याय के प्रतिमूर्ति न्यायाधीश स्व.लोकनाथ प्रसाद को मंच के द्वारा श्रद्धांजलि दी गयी. बैठक में इस मौके पर प्रो. अमर कुमार, हरीश ठाकुर,विशाल सिंह प्रोफेसर अरबिंद प्रसाद, डॉ. विकास विश्वकर्मा, प्रो. अमर कुमार, प्रो.संजय सारंगी, डॉ. ब्रजभूषण पाठक, प्रदुम्ण मंडल, प्रो. गौतम सहित कई शामिल हुए. इसे भी पढ़ें : TPC">https://lagatar.in/police-encounter-with-tpc-regional-commander-assav-ganjhu-squad-militants-gathered-to-carry-out-major-incident/">TPCरिजनल कमांडर आक्रमण गंझू दस्ते के साथ पुलिस की मुठभेड़, बड़ी घटना को अंजाम देने जुटे थे उग्रवादी [wpse_comments_template]

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