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रांची के अस्पतालों में पहुंचे पटाखों से जले 130 से अधिक लोग, चार भर्ती

Ranchi: दिवाली की रात से लेकर अगले दिन मंगलवार तक रांची के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में 130 से अधिक जले हुए मरीज पहुंचे. रांची के रिम्स में कुल 53 मरीज पहुंचे. वहीं सदर अस्पताल में 20 मरीज, निजी अस्पताल देवकमल में 46 पटाखों से जले हुए मरीज पहुंचे. वहीं अन्य अस्पतालों में 12 झुलसे मरीज पहुंचे. इनमें सिर्फ पांच मरीजों को भर्ती किया गया है, रिम्स में चार मरीजों को भर्ती किया गया है. वहीं देवकमल अस्पताल में सिर्फ एक मरीज भर्ती है. शेष मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई थी. डॉक्टरों ने बताया कि पिछली बार की तुलना में कम मरीज झुलसे हैं. इसे पढ़ें- CBSE">https://lagatar.in/cbse-has-issued-two-instructions-students-should-focus-on-sports-and-internal-test-should-be-completed-before-cold/">CBSE

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फुलझड़ी से जले अधिक मरीज

डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल पहुंचने वाले अधिकतर मरीज फूलझड़ी जलाने में जले हैं. उन्होंने बताया कि लोग फुलझड़ी और अनार को हाथ से जलाने में जख्मी हो रहे हैं. अगर लोग हाथ में नहीं जलाते और जमीन पर रखकर जलाते तो ऐसे मामले देखने को नहीं मिलते. उन्होंने बताया कि एक दो मरीज रॉकेट से भी जले जो उपर नहीं जाकर किसी के शरीर में गिर कर फूट गया. इसे भी पढ़ें- खुद">https://lagatar.in/picture-of-abhishek-with-cm-nitish-who-called-himself-the-dgp-by-calling-himself-chief-justice-went-viral/">खुद

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जागरुकता का हुआ असर, लोगों ने बहते पानी से जख्म को धोया था

डॉ अनंत सिन्हा ने बताया कि इस बार जागरूकता के कारण मरीजों को अधिक नुकसान नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि अधिकतर जले हुए मरीज बहते हुए पानी से जख्म वाले हिस्से को धोकर पहुंचे थे, जिससे नुकसान कम हुआ. साथ ही किसी तरह की क्रीम का इस्तेमान नहीं किया था. जिससे मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद ही छोड़ दिया गया. [wpse_comments_template]  

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