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पिछले दो सालों से मौलाना के पद पर कार्यरत था
जानकारी के मुताबिक असगर अली पिछले दो सालों से ढाका नगर परिषद के वार्ड 14 केदार नगर स्थित जामिया मारिया निशवान मदरसा में मौलाना के पद पर कार्यरत है. मौलाना पलनवा थाना के सिसवनिया गांव का निवासी है. बताया जा रहा है कि असगर ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पढ़ाई करने के बाद मध्य प्रदेश के भोपाल में मौलाना की पढ़ाई की थी. जहां वह बांग्लादेश के जमात उद मुजाहिद्दीन नामक संस्था के संपर्क में आया. इस संस्था की गतिविधि भारत विरोधी होने के कारण सरकार ने उसे प्रतिबंधित कर रखा है. इसे भी पढ़ें - तो">https://lagatar.in/so-pakistani-clerics-sent-rizwan-to-india-wanted-to-kill-nupur-sharma-sriganganagar-police-got-8-days-remand/">तोपाकिस्तानी मौलवियों ने रिजवान को भेजा था भारत, नुपुर शर्मा की हत्या करना चाहता था, श्रीगंगानगर पुलिस को 8 दिन की रिमांड मिली
कमरे से लैपटॉप और मोबाइल जब्त किया गया
असगर अली मुजाहिद्दीन नामक संस्था की गतिविधियों को ढाका के मस्जिद में रहकर संचालित करता था. जिस कमरे में वो रहता था वो मस्जिद के इमाम मुफ़्ती मौलाना नेसार अहमद के नाम से आवंटित है.NIA की टीम ने असगर के कमरे से लैपटॉप और मोबाइल को जब्त किया है. सूत्रों के मुताबिक मदरसा से दो अन्य मौलाना को भी हिरासत में लिया गया था. लेकिन NIA दोनों से पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया है. ढाका के केदार नगर में दो साल पहले स्थापित मदरसा के खुलासे से लोग चिंतिंत और खौफ में हैं. इसे भी पढ़ें - उर्दू">https://lagatar.in/weekly-holiday-on-friday-in-urdu-schools-ncpcr-president-sent-letter-to-chief-secretary-investigated-and-sought-report-in-10-days/">उर्दूस्कूलों में शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश मामला : NCPCR के अध्यक्ष ने मुख्य सचिव को भेजा पत्र, जांच कर 10 दिनों में मांगी रिपोर्ट [wpse_comments_template]

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