Ranchi : झारखंड में सस्टेनेबल मोबिलिटी (सततशील यातायात) व्यवस्था को बढ़ावा देने और जस्ट ट्रांजिशन की प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए सीड और ओएमआई फाउंडेशन साथ मिल कर शोध-अध्ययन व डेवलपमेंट रोडमैप तैयार करेंगे. यह साझेदारी भविष्य और निम्न-कार्बन विकास की दिशा में राज्य के प्रयासों को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. सीड के सीईओ रमापति कुमार और ओएमआई फाउंडेशन ट्रस्ट की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ऐश्वर्या रामन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किया. इस एमओयू के अंतर्गत सीड और ओएमआई फाउंडेशन सस्टेनेबल मोबिलिटी पर आधारित नवाचारों के अनुसंधान और परियोजना पर काम करेंगे और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास करेंगे. सस्टेनेबल जस्ट ट्रांजिशन टास्क फोर्स (झारखंड सरकार) के टेक्निकल पार्टनर के रूप में सीड राज्य के लिए सस्टेनेबल मोबिलिटी से संबंधित एक रोडमैप तैयार करने को अग्रसर है, जो परिवहन क्षेत्र में डीकार्बनाइजेशन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और राज्य में क्लीन मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने की दिशा में सहायक होगा. इसे भी पढ़ें -मंत्री">https://lagatar.in/did-the-special-judge-ask-minister-alamgir-when-he-appeared-in-the-court-read-courtroom-live/">मंत्री
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सीड के सीईओ ने जाहिर की खुशी
इस साझेदारी के बारे में सीड के सीईओ ने कहा कि हमें बेहद खुशी है कि हम सस्टेनेबल मोबिलिटी सेक्टर में अग्रणी संस्थाओं में से एक ओएमआई फाउंडेशन के साथ सहयोग कर रहे हैं. यह पहल स्थानीय स्तर पर अत्याधुनिक रिसर्च और इन्नोवेशंस को बढ़ावा देकर सस्टेनेबल मोबिलिटी के लिए एक रोडमैप तैयार करने पर केंद्रित है. इससे पारम्परिक परिवहन व्यवस्था से अलग सस्टेनेबल मोबिलिटी के नए तरीकों से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी. साथ ही कम कार्बन उत्सर्जन के जरिए पर्यावरण को लाभ होगा और समुदायों व स्टेकहोल्डर्स को सशक्त बनाते हुए जस्ट ट्रांज़िशन की प्रक्रिया को बल मिलेगा. इस अवसर पर ओएमआई फाउंडेशन ट्रस्ट की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ऐश्वर्या रामन ने कहा कि स्वच्छ परिवहन को अपनाना सततशील भविष्य और स्वच्छ पर्यावरण के लिए आवश्यक है. इलेक्ट्रिक वाहनों से लेकर ग्रीन हाइड्रोजन और बायोफ्यूल्स जैसे भविष्य के ईंधन को अपनाते हुए हम परिवहन क्षेत्र में एक आदर्श बदलाव को आकार दे सकते हैं. इस प्रकिया में हम सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट और क्लीन एनर्जी क्षेत्र में जस्ट ट्रांजिशन के लिए प्रयासरत हैं, जो महिलाओं और दिव्यांगों के हितों के अनुकूल परिवहन अधिसंरचना तैयार करने को बढ़ावा देती है. उन्होंने बताया कि यह साझेदारी टास्क फोर्स और राज्य सरकार के लक्ष्यों के अनुरूप स्वच्छ परिवहन के क्षेत्र में एनर्जी ट्रांज़िशन, तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान, पायलट स्टडीज को बढ़ावा देगी, ताकि राज्य में ग्रीन इकोनोमी और सस्टेनेबल मोबिलिटी को गति मिल सके। इस कार्यक्रम में सीड और ओएमआई फाउंडेशन के प्रतिनिधियों - नेहा गुप्ता, दीपांजन राउत , प्रदीप करुतुरी एवं प्रकाश गुप्ता (ओएमआई फाउंडेशन) और मनीष राम, अश्विनी अशोक (सीड) आदि उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें - कोरोना">https://lagatar.in/side-effects-of-corona-vaccine-covaxin-also-reported-bhu-study/">कोरोनावैक्सीन Covaxin के भी साइड इफेक्ट्स सामने आने की खबर : बीएचयू स्टडी [wpse_comments_template]
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