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MP : जिंदगी से जंग हार गया सुमित, 15 घंटे बाद बोरवेल से निकाला गया, पर नहीं बची जान

 
Madhya Pradesh :  मध्य प्रदेश के गुना जिले के पिपलिया गांव में 16 घंटे से बोरवेल में फंसे 10 साल के बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला गया. लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. जानकारी के अनुसार, ऑक्सीजन की कमी की वजह से सुमित मीणा जिंदगी से जंग हार गया. जब उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था, तो उसकी सांसें धीमी चल रही थी और वह बेहोश की हालत में था. वहीं रातभर पानी में फंसे रहने की वजह से सुमित के हाथ-पैर भी सुन्न हो गये थे. सर्दी की वजह से उसका शरीर भी सिकुड़ गया था. https://twitter.com/PTI_News/status/1873250594170802380

15 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बोरवेल से बाहर निकाला, पर नहीं बची जान

बता दें कि सुमित दोपहर करीब साढ़े तीन बजे खेत में बने 140 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था और 39 फीट की गहराई पर फंसा हुआ था. घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और स्थानीय एजेंसियों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. लेकिन गड्ढा काफी गहरा होने की वजह से सफलता नहीं मिली. इसके बाद भोपाल से एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया. घटना के करीब ढाई घंटे बाद छह बजे एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. 15 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रविवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे सुमित को बोरवेल से बाहर निकाला गया और आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया. लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका.

राजस्थान में 5 वर्षीय बच्ची का रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी

बता दें कि  राजस्थान के कोटपुतली में छह दिन पहले खुले बोरवेल में 5 वर्षीय बच्ची गिर गयी थी. चेतना को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. लेकिन गड्ढा गहरा होने के कारण सफलता नहीं मिल पा रही है. एनडीआरएफ के जवानों ने बोरवेल के समानांतर एक गड्ढा खोदा है और वहां से बोरवेल तक सुरंग खोदी जा रही है.  जवानों की सुरक्षा के लिए ऑक्सीजन का भी प्रबंध किया गया है, ताकि ऑपरेशन सुचारू रूप से चल सके.    
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