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राष्ट्रीय पंजाबी महासंघ का 52वां कार्यकारिणी सम्मेलन, सासंद संजय सेठ हुए शामिल

Ranchi : रांची के पंजाबी भवन में रविवार को राष्ट्रीय पंजाबी महासंघ का 52वां कार्यकारिणी सम्मेलन आयोजित किया गया. यह सम्मेलन 2 साल में एक बार होता है. लेकिन कोरोना के कारण 4 साल बाद इस सम्मेलन का आयोजन किया गया. रांची के सांसद संजय सेठ सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. सम्मेलन में सूरत के नरेश सेठ को नया अध्यक्ष मनोनीत किया गया. पहली बार महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक रही. इसमें इंद्र मोहन भाटिया, सुरेश मेहरा, दिवान चंद्र, पॉल शर्मा, मुकुल मेहता, नितिन मदन भाटिया और अरुण चावला भी मौजूद रहे. (पढ़ें, हजारीबाग">https://lagatar.in/hazaribagh-national-level-models-will-walk-on-the-ramp-wearing-clothes-designed-by-tavishi/">हजारीबाग

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निधन के बाद भोज जैसी कुप्रथा को समाप्त करने की जरूरत-संजय सेठ

रांची के सांसद संजय सिंह ने कहा कि पंजाबी-हिंदू बिरादरी, सिख और मारवाड़ी समाज के जैसे जनसेवा करती है. पंजाबी-हिंदू बिरादरी गरीब लोगों के लिए निशुल्क डायलिसिस सेंटर खोलना चाहती है तो मैं अपने सांसद मद से हर संभव मदद करूंगा. उन्होंने आग्रह किया कि पंजाबी-हिंदू बिरादरी मनुष्यों के होने वाले निधन के बाद जो भोज किया जाता है, उस कुप्रथा को समाप्त करने के लिए आगे बढ़े. किसी मनुष्य के निधन पर प्रदर्शन करना कुप्रथा है. सांसद के इस बात पर नव मनोनीत अध्यक्ष नरेश सेठ ने कहा कि राष्ट्रीय पंजाबी महासंघ निधन के बाद होने वाले भोज को समाप्त करने का प्रयास करेगी. इस कुप्रथा को समाप्त करने के लिए पंजाबी हिंदू बिरादरी आगे बढ़कर काम करेगी. इसे भी पढ़ें : जून">https://lagatar.in/ignous-term-end-exam-is-held-in-june-and-december-it-is-mandatory-for-students-to-pass-in-assignments/">जून

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