Lagatar Desk: मध्यप्रदेश कैडर के IPS अनुराग सुजानिया ने तबादले के 4 दिन बाद इस्तीफा दे दिया है. वह 2014 बैच के आइपीएस हैं. 27 अक्टूबर को सरकार ने उन्हें सागर जिले के एसपी पद से हटाया था. उन्हें पुलिस मुख्यालय में आईजी मुख्यालय का एआईजी बनाया गया था. इसके चार दिन बाद दो नवंबर को उन्होंने इस्तीफा दे दिया.
अनुराग सुजानिया ने इस्तीफे की वजह तो व्यक्तिगत कारण बताया है. लेकिन उनके इस्तीफे को जहरीली शराबकांड से जोड़ करके देखा जा रहा है. दो माह पहले सागर जिले में जहरीली शराब पीने से दो दर्जन से अधिक लोग बीमार हो गए थे. उनमें से आधिकारिक रुप से 16 लोगों की मौत हो गई थी. अनौपचारिक आंकड़ा 25-26 बताया जाता है.
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अनुराग सुजानिया के इस्तीफे के बाद मध्यप्रदेश आइपीएस एसोसिएशन सक्रिय हुआ. एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से बात की. जिसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव सक्रिय हुए. उन्होंने पुलिस मुख्यालय में बैठक करके एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बात की. कई भाजपा नेताओं ने भी मोहन यादव से संपर्क करके कहा कि अनुराग सुजानिया से बात करें.
इस बीच मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक पोस्ट शेयर किया है. जिसमें इस्तीफे को गंभीर बताया है. उन्होंने लिखा है- इस्तीफे को व्यक्तिगत कारण बताना पर्याप्त नहीं है. समय और परिस्थितियों पर सवाल उठना स्वाभाविक है. जहरीली शराब से मौतें, तबादले और इस्तीफे को लेकर गृह विभाग की जवाबदेही तय होनी चाहिए. उन्होंने सीएम से पूछा है कि उनकी पुलिस इतनी दबावग्रस्त क्यों दिखाई दे रही है.
इससे पहले कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने शराबकांड के समय आरोप लगाया था कि हर माह 50-60 लाख रुपये की वसूली शराब माफियाओं से होती है. लोग मर रहे हैं और अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है.
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