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सांसद सुखेंदू शेखर रॉय : ममता ने कांग्रेस से गद्दारी की थी, अब तोहफा में वही मिल रहा है

कृष्णन अय्यर

सुखेंदू शेखर रॉय, टीएमसी से राज्यसभा सांसद. पिछले 15 सालों से राज्यसभा सांसद हैं. ममता बनर्जी ने उन्हें लगातार तीन बार राज्यसभा भेजा. अब टीएमसी और ममता बनर्जी उन्हें खराब लग रहा है. टीएमसी ने जाने से पहले वह कांग्रेस से सांसद थे.  

 

2011 से TMC के राज्यसभा सांसद हैं.  मशहूर वकील हैं, 2029 तक सांसद रहेंगे.  77 साल की उम्र है. अचानक से उन्हें भी अब हिंदू पर खतरे की वजह से आंखों में आंसू आ रहे हैं. उन्होंने कहा है कि कहा कि ममताजी से बंगाल मुक्त हुआ. यह अराजकता के खिलाफ हिंदूओं की जीत है.  उन्हें अब टीएमसी का भ्रष्टाचार भी दिखने लगा है. वह कह रहे हैं टीएमसी में बोलने की आजादी नहीं थी. 

 

2029 में जब इनकी सांसदी ख़त्म होगी तब टीएमसी से सांसद नहीं बन पाएंगे. कितने दुःख की बात है. आखिरी दम तक सांसद बने रहना है! 15 साल से टीएमसी के सांसद हैं. एवरेज में सालाना 20 लाख की सैलरी माने तो भी 3 करोड़ की सैलरी मिली होगी. सरकारी/पर्सनल वकालत की कमाई अलग से है. जब कांग्रेस से टीएमसी में आए थे तब कांग्रेस को भी भला बुरा कहा होगा. यही फितरत है! 

 

अब 77 साल की उम्र में क्या ऐसा हासिल करना बाकी है कि ममता बनर्जी के खिलाफ बोलना पड़ रहा है? ममता बनर्जी ने तो ओहदा, इज्जत, दौलत, शोहरत सब कुछ दिया. 2029 में सुखेंदू शेखर रॉय की उम्र 80 साल की होगी. 80 साल वाले को बीजेपी भी राज्यसभा नहीं भेजेगी.

सुखेंदू शेखर रॉय सीनियर मोस्ट नेता और वकील हैं. ममता बनर्जी कितनी भी बुरी हो मगर आज सुखेंदू शेखर रॉय को उनके साथ खड़े रहना था. गद्दारी नहीं करनी थी. इसे ही कहते हैं, ममता बनर्जी ने कांग्रेस के साथ गद्दारी की थी. आज ममता बनर्जी को तोहफे में गद्दारी का ज़ाइक़ा मिल रहा है. अफसोस.

 

डिस्क्लेमरः यह टिप्पणी लेखक के फेसबुक वॉल से लिया गया है. 

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