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सांसद संजय सेठ और बीडी राम ने केंद्र सरकार के समक्ष उठाया HEC और मेकॉन का मुद्दा

Ranchi: एचईसी के कामगारों के वेतन भुगतान और मेकॉन की समस्याओं को सांसद संजय सेठ और विष्णु दयाल राम ने केंद्र सरकार के सामने रखा है. दोनों सांसदों ने केंद्रीय इस्पात मंत्री आरपी सिंह और केंद्रीय भारी उद्योग सचिव अरुण गोयल से मुलाकात कर इस संबंध में चर्चा की. संजय सेठ ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि देश के इस्पात उत्पादन में मेकॉन की भूमिका सराहनीय रही है. फिलहाल वहां 1500 से अधिक अधिकारी कर्मचारी कार्यरत हैं. मेकॉन के अधिकारियों और कर्मचारियों के पे रिवीजन समेत अन्य समस्याओं के समाधान पर विचार किए जाने की जरूरत है. साथ ही इस्पात उत्पादन में मेकॉन से बेहतर सहयोग लेने की दिशा में भी मंत्रालय की ओर से पहल करनी चाहिए. इसे भी पढ़ें- बाबूलाल">https://lagatar.in/babulal-marandi-inaugurates-kanha-highway-kitchen-people-will-get-delicious-food/">बाबूलाल

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हड़ताल की वजह से बेहाल हैं एचईसी कर्मी, उत्पादन भी ठप

संजय सेठ और बीडी राम ने इस्पात सचिव के सामने एचईसी कर्मियों की स्थिति को रखा. एचईसी में लंबे समय से चल रहे मजदूरों के हड़ताल, मजदूरों की आर्थिक स्थिति, उनके पारिवारिक स्थिति के साथ एचईसी की जमीनी हकीकत की भी जानकारी दी. सांसदों ने सचिव से आग्रह किया कि जल्द से जल्द श्रमिकों के भुगतान की व्यवस्था की जाये. 2500 से अधिक परिवार इसी भुगतान पर निर्भर हैं. वहीं हड़ताल की वजह से एचईसी में उत्पादन भी ठप है. ऐसे में उनकी हड़ताल जल्द खत्म कराई जानी चाहिये.

एचईसी को पुनर्जीवित करने के लिए पूंजी की मांग

संजय सेठ ने कहा कि एचईसी झारखंड ही नहीं, पूरे देश का गौरव रहा है. अंतरिक्ष यान और यात्रा से भी जुड़े कई सामानों का उत्पादन यहां से किया जाता है, हाल के कुछ सालों में एचईसी की स्थिति बिगड़ी है. एचईसी को पुनर्जीवित करने की दिशा में इसे पूंजी दी जाये. फिर से इसे खड़ा किया जाए ताकि क्षेत्र के कामगारों को रोजगार मिलने के साथ-साथ एचईसी का गौरव बना रहे. इसे भी पढ़ें- लोकप्रियता">https://lagatar.in/modi-surpasses-biden-putin-in-popularity/">लोकप्रियता

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