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मुकेश अंबानी परिवार को Z+ सिक्योरिटी मिलती रहेगी, SC ने त्रिपुरा हाईकोर्ट में दायर पीआईएल खारिज कर दी

NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट ने आज मुकेश अंबानी और उनके परिवार को टॉप कैटेगरी की सुरक्षा देने के सवाल पर  त्रिपुरा हाईकोर्ट में  दायर याचिका खारिज कर दी. खबर है कि सुप्रीम कोर्ट ने देश के बिजनेस टायकून मुकेश अंबानी और उनके परिवार के सदस्यों को मुंबई में दी जा रही सुरक्षा जारी रखने अनुमति दे दी है. SC ने इस मामले में त्रिपुरा हाईकोर्ट में पीआईएल के आधार पर जारी मामले की सुनवाई खारिज कर दी. जान लें कि याचिका में मुकेश अंबानी परिवार को टॉप कैटेगरी की सुरक्षा देने को लेकर सवाल उठाये गये थे. सुनवाई के क्रम में सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी गयी कि मुकेश अंबानी अपनी सुरक्षा पर होने वाले खर्च का भुगतान सरकार को कर देते हैं. इसे भी पढ़ें : एफबीआई">https://lagatar.in/fbi-reveals-cases-of-espionage-on-us-soil-increase-chinese-spy-equipment-can-fail-atomic-bombs/">एफबीआई

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पीठ ने कहा, ऐसी याचिका की सुनवाई की कोई जरूरत नहीं है

चीफ जस्टिस एनवी रमन की अगुवाई वाली पीठ ने त्रिपुरा हाईकोर्ट के निर्देश को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार की अपील स्वीकार कर ली. पीठ ने कहा कि ऐसी याचिका की सुनवाई की कोई जरूरत नहीं है, खासकर तब, जब अंबानी परिवार सुरक्षा पर आने वाले खर्च का भुगतान खुद कर रहा है. इस क्रम में SC ने याचिकाकर्ता विकास साहा के वकील से पूछा,आप बतायें, याचिका दायर करने का औचित्य क्या है. सुरक्षा को लेकर आप क्यों चिंतित हैं? यह किसी और की सुरक्षा का मसला है. इसे भी पढ़ें :  शिवपाल">https://lagatar.in/samajwadi-party-has-said-to-shivpal-yadav-and-rajbhar-you-can-go-wherever-you-want/">शिवपाल

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प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड एडवांस वेपन नहीं रख सकते : साल्वे

अंबानी परिवार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने दलील देते हुए कहा कि अंबानी परिवार को सुरक्षा को चुनौती देने वाली याचिका दुर्भाग्यपूर्ण है. कहा कि यह परिवार सुरक्षा पर आने वाले खर्च की भरपाई खुद कर रहा है. साथ ही कहा कि RIL प्रमुख देश के सबसे बड़े औद्योगिक घरानों में से एक को चलाते हैं. इसमें 40-50 लाख लोग काम करते हैं. साल्वे ने कहा कि पश्चिमी देशों के उलट, हमारे यहां प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड एडवांस और हाइलेवल के वेपन नहीं रख सकते हैं. सरकार अंबानी को सुरक्षा प्रदान करने पर जो भी खर्च करती है, उसका पूरी तरह से भुगतान कर दिया जाता है. इसे भी पढ़ें : भाजपा">https://lagatar.in/bjp-released-old-video-of-mamta-partha-chatterjee-and-arpita-mukherjee-asked-what-is-this-relationship-called/">भाजपा

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मुकेश अंबानी को 2013 से  मिल रहा है Z+ सिक्योरिटी कवर

जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार 2013 से मुकेश अंबानी को Z+ सुरक्षा कवर मुहैया करा रही है. वह देश के पहले ऐसे बिजनसमैन हैं जिन्हें इस तरह का सिक्योरिटी कवर मिला हुआ है. अंबानी को सिक्योरिटी कवर आतंकी संगठनों के खतरों को देखते हुए इंटेलिजेंस ब्यूरो की तरफ से सुरक्षा आकलन के बाद दिया गया था. इस क्रम में 2016 से मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी को Y+ सिक्योरिटी दी जा रही है. उनके तीनों बच्चों को महाराष्ट्र सरकार की तरफ से ग्रेडेड सुरक्षा कवर दिया जाता है. एक रिपोर्ट के अनुसार जेड प्लस सिक्योरिटी कवर पर लगभग 20 लाख रुपये पत्ति माह महीने का खर्च आता है.

जेड प्लस सिक्योरिटी में 55 सुरक्षा गार्ड होते हैं

जेड प्लस सिक्योरिटी में कम से कम 55 सुरक्षा गार्ड होते हैं. इनमें से 10 एलीट लेवल के एनएसजी के जवान होते हैं. इनके पास संबंधित व्यक्ति की सुरक्षा के लिए एडवांस हथियार होते हैं. यह 24 घंटे सुरक्षा उपलब्ध कराते हैं. मुकेश अंबानी अपनी सुरक्षा उपलब्ध कराने वाले गार्ड्स के लिए बैरक, क्वार्टर, फंक्शनल किचन और टॉयलेट आदि की सुविधा उपलब्ध कराते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुकेश अंबानी के सिक्योरिटी फ्लीट में रेंज रोवर और मर्सिडीज शामिल हैं. अंबानी खुद बुलेट प्रूफ बीएमडब्ल्यू में चलते हैं. अंबानी ने पिछले साल फ्लीट में वाइट मर्सिडीज एमएमजी जी63 कार को शामिल किया है [wpse_comments_template]

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