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मुख्तार अंसारी को गैंगस्टर केस में 5 साल की सजा, दो दिन पूर्व जेलर को धमकाने के मामले में मिल चुकी है सात साल की सजा

Lucknow : उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को कोर्ट द्वारा गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मामले में आज शुक्रवार को पांच साल की सजा सुनाये जाने की खबर है. इसके पहले मुख्तार अंसारी को जेलर को धमकाने के मामले में भी सात साल की सजा सुनाई जा चुकी है. बता दें कि उसे दो दिन पहले एमपी-एमएलए फास्ट ट्रैक कोर्ट में भी पेश किया गया था. इसे भी पढ़ें  : पर्यावरण">https://lagatar.in/pm-modi-said-in-the-conference-of-environment-ministers-urban-naxals-kept-the-sardar-sarovar-dam-on-the-narmada-river-for-years/">पर्यावरण

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मुख्तार अंसारी पर लगभग 60 मुकदमे दर्ज हैं

जानकारी के अनुसार मुख्तार अंसारी पर करीब 60 मुकदमे दर्ज हैं. 34 साल के आपराधिक इतिहास में पिछले हफ्ते पहली बार उसे किसी तरह की सजा का ऐलान हुआ था. मुख्तार अंसारी को जेलर को धमकाने के मामले में सात साल की सजा के बाद अब गैंगस्टर मामले में भी दोषी करार दिया गया है. तीन दिन के अंदर मुख्तार को दो केस में दोषी करार दिया गया है. गैंगस्टर के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने मुख्तार को पांच साल की सजा सुनाई. इसे भी पढ़ें  :अमेरिकी">https://lagatar.in/irans-president-ibrahim-raisi-refused-to-give-interview-if-american-tv-anchor-did-not-wear-hijab/">अमेरिकी

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मुख्तार अंसारी पर 50 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है

इसके साथ ही मुख्तार अंसारी पर 50 हजार रुपए जुर्माना लगाया है. हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गैंगस्टर एक्ट के तहत 23 साल पुराने एक मामले में भी मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया है. न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने यह निर्णय राज्य सरकार की अपील पर पारित किया है. मामले की एफआईआर वर्ष 1999 में थाना हजरतगंज में दर्ज की गयी थी.

जेल  ने थाना आलमबाग में मुख्तार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी

इससे पहले मुख्तार अंसारी को जेलर एसके अवस्थी को धमकाने के मामले में तीन अलग-अलग धाराओं के तहत अधिकतम 7 साल की सजा सुनाई जा चुकी है. . खास बात है कि यह फैसला भी हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने राज्य सरकार की अपील को मंजूर करते हुए सुनाया था. 2003 में तत्कालीन जेलर एसके अवस्थी ने थाना आलमबाग में मुख्तार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. जिसके अनुसार, जेल में मुख्तार अंसारी से मिलने आये लोगों की तलाशी लेने का आदेश देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गयी थी. उनके साथ गाली गलौज करते हुए मुख्तार ने उन पर पिस्तौल भी तान दी थी. इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने मुख्तार को बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ सरकार ने अपील दाखिल की थी. मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आरोपी अंसारी को आईपीसी की धारा 353 के तहत 2 साल सजा और 10 हजार का जुर्माना, धारा 504 के तहत 2 साल की सजा और 2 हजार का जुर्माना व धारा 506 के तहत सात साल की सजा और 25 हजार के जुर्माना लगाने का फैसला सुनाया

बांदा जेल में  बंद हैं मुख्तार अंसारी

मुख्तार अंसारी अभी बांदा जेल में बंद हैं और उनकी सुरक्षा के लिए जेल प्रशासन के साथ कानपुर के एक डिप्टी जेलर की ड्यूटी लगाई गयी है. जेल प्रशासन के अनुसार मुख्तार की सुरक्षा में करीब 32 सुरक्षाकर्मी 24 घंटे ड्यूटी पर लगाये गये हैं. अंदर की बैरक में रहने वाले सुरक्षाकर्मी बॉडी कैम से लैस रहते हैं. उसकी हर गतिविधि कैमरे में रिकॉर्ड होती है. [wpse_comments_template]

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