alt="" width="609" height="1280" /> तस्वीर- डॉ भारती कश्यप[/caption] वर्ष 2019 में इंडियन सोसायटी ऑफ कैटरैक्ट एंड इफेक्टिव सर्जरी के द्वारा भी डॉ भारती कश्यप को गोल्ड मेडल द्वारा सम्मानित किया गया था. भारती कश्यप ने वहां पर फेम्टो लेजर ब्लेडलेस मोतियाबिंद सर्जरी पर कई व्यख्यान दिए. बता दें कि लेजर एसिस्टेड ब्लेड रहित मोतियाबिंद सर्जरी की इस पद्धति को झारखंड में लाने का श्रेय कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल को प्राप्त है, डॉ भारती कश्यप ने बताया कि वर्ष 2014 से ब्लेड रहित फेमटो लेजर मोतियाबिंद सर्जरी शुरू की गई है और इस से मरीजों को लाभ मिल रहा है. लेजर असिस्टेड मोतियाबिंद सर्जरी में छवियों को ओसीटी नामक एक उन्नत इमेजिंग सिस्टम द्वारा पकड़ा जाता है, और फेमटो सेकंड लेजर की सहायता से कॉर्निया का चीरा,लेंस कैप्सूल के बीच का छिद्र एवं मोतियाबिंद का विघटन रोबोटिक पद्धति से किया जाता है. लेजर सर्जरी बेजोड़ सटीकता, कॉर्निया पर सुरक्षित, आरामदायक एवं दर्द रहित होती है. पतले कॉर्निया और मधुमेह, हृदय, कैंसर हीमोफीलिया दमा एवं अत्यधिक मायोपिया वाले रोगी के लिए उपयुक्त होती है और कुछ ही घंटों में अच्छी रोशनी आ जाती है. इसे भी पढ़ें- 60">https://lagatar.in/khelgaon-mega-sports-complex-will-be-renovated-with-60-crores/">60
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