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नगर निकायों ने तालाबों में कंक्रीट कार्य के लिए प्रस्ताव भेजा तो कार्रवाई करेगा नगर विकास विभाग

Ranchi: नगर विकास विभाग ने नगर निकायों को निर्देश दिया है कि वे शहरी जलाशयों के सौंदर्यीकरण पर नहीं उसके संरक्षण पर जोर दें. सभी निकाय पेयजल और साफ-सफाई को अपनी प्राथमिकता बनाएं. शहरों से गायब हो रहे खेल के मैदानों को बचाएं और उन्हें विकसित करें. नगर विकास विभाग की समीक्षा बैठक में विभागीय सचिव विनय कुमार चौबे ने यह निर्देश दिया है. सचिव ने कहा कि शहरों में तालाबों का संरक्षण हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए ना कि उसके सौंदर्यीकरण के नाम पर कंक्रीट वर्क करना. उन्होंने निकायों को कहा कि ऐसा प्रस्ताव बनाएं, जिसमें तालाब की चहारदीवारी और आसपास सड़क न बनाना पड़े. अगर चहारदीवारी जरूरी है तो उसे हेज और इंटरलॉकिंग पेवर्स ब्लॉक का इस्तेमाल कर संरक्षित कीजिये. इसे भी पढ़ें- जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-five-youths-who-cheated-eight-crores-sentenced-to-seven-years-in-jail-and-16-lakh-fine/">जमशेदपुर

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शहरों से गायब हो रहे खेल के मैदानों को करें दुरुस्त

सचिव ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश के बच्चों को खेल के क्षेत्र में सकारात्मक माहौल मिले, इसलिए शहरों से गायब हो रहे खेल के मैदानों को बचाएं और विकसित करें. उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता शहरों की साफ-सफाई और घर-घर तक पेयजल उपलब्ध कराने की है. इस दिशा में हमें और गति के साथ काम करने की जरूरत है. हम सफाई के क्षेत्र में जरूरी संसाधन और मशीन खरीद रहे हैं, लेकिन ध्यान रहे कि उसकी गुणवत्ता के साथ कोई समझौता ना हो. इसे भी पढ़ें- जालसाजी">https://lagatar.in/ed-action-on-forgery-djn-group-attached-property/">जालसाजी

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बैठक में दिये गये निर्देश

  • तालाबों का गहरीकरण और कैचमेंट एरिया का संरक्षण करें निकाय
  • कंक्रीट कार्य के लिए प्रस्ताव भेजा तो पदाधिकारियों पर होगी कार्रवाई
  • शहर के खेल मैदानों को विकसित करने का निकाय भेजें प्रस्ताव
  • खेल मैदानों में भी केवल जरूरी फीचर ही डालें निकाय
  • शहरों में मूलभूत सुविधाओं के साथ वेंडर जोन बनाने के लिए प्रस्ताव भेजें
  • इलेक्ट्रिक क्रेमोटोरियम को नगर निगम और नगर परिषद तक हीं सीमित रखें

अमृत योजना की हुई समीक्षा

सचिव ने अमृत योजना की भी समीक्षा की कई आवश्यक निर्देश दिया. उन्होंने नगर निकायों और जुडको के अधिकारियों से पूछा कि वर्तमान स्कीम के तहत अगर हम और भी अतिरिक्त वैध कनेक्शन दे सकते हैं तो रफ्तार धीमी क्यों हैं. इस पर सूडा निदेशक अमित कुमार ने कहा कि पेयजल के लिए अमृत योजना से कुल सवा तीन लाख कनेक्शन दिया जाना है, पर वर्तमान में जो आधारभूत संरचना है, उसमें 80 हजार कनेक्शन दिया जा सकता है. सचिव ने जुडको को निर्देश दिया कि कनेक्शन देने की दिशा में गति लायी जाये. [wpse_comments_template]

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