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नगरपालिका भर्ती घोटाला : ममता के मंत्री सुजीत और तापस के ठिकानों पर ईडी की रेड

Kolkata :  देश भर में करप्शन के खिलाफ इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) की कार्रवाई लगातार जारी है. ईडी आज सुबह-सुबह पश्चिम बंगाल की ममता सरकार के तीन मंत्रियों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. जानकारी के अनुसार, अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस के लेक टाउन स्थित दो ठिकानों पर ईडी के अधिकारी तलाशी ले रहे हैं. वहीं तृणमूल कांग्रेस के नेता और प्रवक्ता तापस रॉय के बीबी गांगुली स्ट्रीट वाले ठिकानों पर ही ईडी की रेड चल रही है. इसके अलावा उत्तरी दमदम नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष और टीएमसी नेता (पार्षद)  सुबोध चक्रवर्ती के बिराती स्थित आवास पर भी छापेमारी चल रही है. यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल में नगर पालिकाओं की भर्ती में अनियमितताओं (पश्चिम बंगाल नगर निगम भर्ती घोटाला) मामले से जुड़ी है. 

ईडी और सीबीआई दोनों कर रहे मामले की जांच

बता दें कि कोलकाता हाईकोर्ट ने अप्रैल 2023 में  नगर पालिकाओं की भर्ती में अनियमितताओं की जांच करने का आदेश सीबीआई (CBI) को दिया था. पश्चिम बंगाल सरकार ने सीबीआई जांच के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए सीबीआई जांच रद्द करने की अपील की थी.  हालांकि अगस्त 2023 में कोर्ट में याचिका को खारिज कर दी थी. इसके बाद इस घोटाला मामले की जांच में ईडी की एंट्री हुई. ईडी ने 5 अक्टूबर को खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रथिन घोष के 13 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी. ईडी ने पिछले दिनों नगर निगम भर्ती घोटाले के संबंध में पश्चिम बंगाल की 12 नगरपालिकाओं को नोटिस भेजकर 2014 से उनके द्वारा की गयी नियुक्तियों के बारे में जवाब तलब किया था.

ओएमआर शीट में हेरफेर कर अवैध नियुक्तियों में मदद की

बताया जाता है कि पश्चिम बंगाल में टीचर भर्ती घोटाले की जांच के क्रम में ई़डी को टीचर भर्ती में अनियमितताओं के अहम सबूत तो मिले ही थे, साथ ही नगर पालिकाओं द्वारा की गयी नियुक्तियों में भी पक्के सबूत मिले थे. जांच एजेंसी के अनुसार, Sil (सिल) की कंपनी एबीएस इन्फोजोन प्राइवेट लिमिटेड को भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों और ओएमआर शीट की छपाई और मूल्यांकन और मेरिट सूची तैयार करने का टेंडर मिला था. सिल ने ओएमआर शीट में हेरफेर कर पैसे लेकर बदले में अवैध नियुक्तियों में मदद की. [wpse_comments_template]

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