- महापौर की बात नहीं सुनते पदाधिकारी - वार्ड पार्षद पवन तिर्की
Ranchi: बिरसा मुंडा बस स्टैंड के पीछे चुनुवा टोली बस्ती से आज नगर निगम की टीम को वापस लौटना पड़ा. लोगों के हंगामे के बाद निगम की टीम ने सरकारी जमीन पर बसे लोगों ने विरोध शुरू कर दिया. इस दौरान लोगों ने बताया कि निगम की टीम बिना सूचना दिए ही घर तोड़ने पहुंच गयी. इस दौरान निगम की टीम और जेसीबी वाहनों को देखते ही लोग एकजुट हो गए. नगर निगम की टीम और लोगों के बीच पहले 2 घंटे बहस भी हुई है. इस दौरान वार्ड पार्षद पवन तिर्की भी लोगों के समर्थन में पहुंच गए.
इस दौरान पवन तिर्की ने कहा कि उजाड़ने से पहले बसाना होगा,क्योंकि आदिवासियों की जमीन पर कई विकास भवन बनाया गया है. इन्होंने ही झारखंड को बनाया और बसाया है. आज लंबे समय से शहर में रह रहे हैं, चुनुवा टोली में करीब 40 आदिवासी परिवारों का घर बना है. यहां करीब 65-70 की संख्या में आदिवासी रहते हैं. इसे जानबूझकर हमेशा तंग किया जाता है.
आज चुनुवा टोली में बसे आदिवासी परिवार पिछले 50 वर्षों से रह रहे हैं. यदि इस इसे अचानक तोड़ देंगे तो लोग बेघर हो जायेंगे, बारिश में कहां जायेंगे. इस दौरान पवन तिर्की ने महापौर रोशनी खलखो से नगर निगम के पदाधिकारियों से बातचीत कराई, लेकिन निगम के पदाधिकारी ने उनकी बात अनसुना कर दिया और दो दिन में घर खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया है.
पवन तिर्की ने कहा कि नगर निगम अफसर शाही हो गया है. जहां नगर निगम के महापौर की बात नहीं सुनी जाती है, तो वार्ड पार्षदों की बात कौन सुनेगा. एक अगस्त को चुनुवा टोली के लोग डिप्टी मेयर से मुलाकात करने पहुंचेंगे.
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