Musabani (Sanat Kumar Pani) : मुसाबनी प्रखंड के
लाटिया चौक पर
बागजांता माइंस
सड़क विस्थापित कमेटी का असहयोग आंदोलन गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी
है. अबतक यूसिल प्रबंधन के द्वारा आंदोलन समाप्त कराने को लेकर कोई ठोस पहल नहीं करने का आरोप आंदोलनकारियों ने यूसिल प्रबंधन पर लगाया
है. गुरुवार को पूर्व जिला पार्षद सह
रैयतदार बुद्धेश्वर मुर्मू ने मुसाबनी थाना में आवेदन देकर यूसिल प्रबंधन के खिलाफ आदिवासी हरिजन
उत्पीड़न एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की
है. इस भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-youth-committed-suicide-by-hanging-himself-in-golmuri/">जमशेदपुर
: गोलमुरी में युवक ने फांसी लगाकर की खुदकुशी अधिकारी पर लगा प्रताड़ित करने का आरोप
आवेदन में कहा गया है कि यूसिल महाप्रबंधक एसके शर्मा
जादुगोड़ा, महाप्रबंधक (खान) मनोज कुमार और लैंड सेल के लीगल अधिकारी बासु पात्र द्वारा
रैयतदारों को नौकरी देने के नाम पर झूठ बोला जा रहा
है. 15 वर्षों से यूसिल के व्यवसायिक वाहन रैयती जमीन पर चल रहे
हैं. आवेदन में कहा गया है कि नौकरी और मुआवजा मांगे जाने पर अधिकारियों द्वारा जातिसूचक शब्द कहकर और झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर
प्रताड़ित किया जाता
है. आंदोलन के तीसरे दिन पूर्व जिला पार्षद बुद्धेश्वर मुर्मू, मंगल माहली, राकेश मुर्मू, दीपक मंडल, रमेश माहली,
सुरज प्रसाद साहू, मदन टुडू,
बारियाड़ टुडू, कुनाराम टुडू आदि उपस्थित
थे. आंदोलन कारियों ने बताया कि सभी आदिवासी
रैयतदार यूसिल प्रबंधन के अधिकारियों के द्वारा
प्रताड़ित किये जाने की शिकायत थाना में
करेंगे. [wpse_comments_template]
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