Musabani (Sanat Kumar Pani) : विगद दशक में घाटशिला व मुसाबनी क्षेत्र एचसीएल/आईसीसी के प्रभाव से एक विकसित क्षेत्र में परिवर्तित हो रही थी. ताम्र खदानों में काम करते मजदूर अपने अगली पीढ़ी को एक मुकाम तक ले जाने को अग्रसर हो रहा था. क्षेत्र में इसके कारण व्यवसाय भी फल फूल रहा था. दूर दराज से व्यवसायियों के आकर इस क्षेत्र में बस जाना इसका प्रमाण है. आजादी से पहले 1934 के आसपास से मुसाबनी, राखा, चापड़ी समेत कई जगह पर ताम्र अयस्क की खुदाई शुरू की गई थी. 1990 के बाद एचसीएल प्रबंधन ने धीरे धीरे मजदूरों को जबरन स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति देने लगा. इसे भी पढ़ें : कोलकाता">https://lagatar.in/kolkata-sadhus-will-take-out-a-rally-on-may-24-to-protest-against-mamata-banerjees-remarks/">कोलकाता
: ममता बनर्जी की टिप्पणी के विरोध में 24 मई को साधु निकालेंगे रैली वर्ष 2024 आते आते अधिकतर खदानें बंद हो गई. बीच में कुछ प्राइवेट कंपनियों को लीज पर देकर खदानें चलाई गई. स्थायी मजदूर के जगह ठेका मजदूरी का प्रचलन हो गया. एचसीएल/आईसीसी की मउभंडार स्थित कारखाना भी बंद हो गया है. इस क्षेत्र के लोगों का मानना है कि कंपनी के संयंत्रों को दुसरे स्थान पर शिफ्ट नहीं किया जा रहा बल्कि धीरे-धीरे कबाड़ बनने दिया जा रहा है. जिससे आने वाले दिनों में इस कारखाने को हमेशा के लिए बंद किया जा सके . इसे भी पढ़ें : रांची,">https://lagatar.in/ranchi-deoghar-giridih-and-jamshedpur-police-arrested-the-maximum-number-of-accused/">रांची,
देवघर, गिरिडीह और जमशेदपुर पुलिस ने सबसे ज्यादा अभियुक्तों को किया गिरफ्तार हजारों बेरोजगार मजदूर, व्यवसायी व शहर के वाशिंदों को विगत 19 मई को आयोजित पीएम की सभा में माइंस को चालू किये जाने को लेकर उम्मीदें बनी थी. चर्चा ये थी कि पीएम मोदी माइंस चालू करने से संबंधित घोषणा कर एनडीए प्रत्याशी को अजेय बढ़त बनाकर जायेंगे. इसे भी पढ़ें : खबर">https://lagatar.in/impact-of-news-two-water-towers-will-be-installed-in-tholkobad-village-officials-assured/">खबर
का असर : थोलकोबाद गांव में लगेगा दो जलमीनार, अधिकारियों ने दिया आश्वासन पीएम मोदी ने इस पर कुछ नहीं कहा. इससे विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा मिल गया. सीएम चंपई सोरेन, विधायक रामदास सोरेन, झामुमो लोकसभा प्रत्याशी समीर मोहंती के साथ साथ-साथ अन्य नेता इस मुद्दे को जमशेदपुर क्षेत्र में हर सभा और नुक्कड़ में लोगों को बता रहे हैं. मुसाबनी, घाटशिला व आसपास मौजूद गांव बाजार में भी लोग इस मुद्दे की चर्चा कर रहे हैं कि आखिर पीएम ने मुसाबनी माइंस के भविष्य को लेकर कुछ क्यों नहीं कहा. इससे भाजपा प्रत्याशी को चुनाव मैदान में कितना नफा-नुकसान होगा ये चुनाव परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा. [wpse_comments_template]
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