: कांटाशोल में मनाई गई ओलचिकी लिपि के जनक पंडित रघुनाथ मुर्मू की जयंती
मुसाबनी : ओलचिकी गुरु पंडित रघुनाथ मुर्मू को किया गया नमन
Musabani (Sanat Kumar Pani) : मुसाबनी प्रखंड के तेरेंगा पंचायत अंतर्गत चापड़ी उत्क्रमित उच्च विद्यालय परिसर में शुक्रवार को ओलचिकी के विद्यार्थियों ने ओलचिकी लिपि के अविष्कारक ओल गुरु पंडित रघुनाथ मुर्मू की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. विद्यार्थी एवं शिक्षकों द्वारा पारंपरिक परिधान में धमसा मादल की थाप पर पूजा-अर्चना की गयी. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रखंड प्रमुख सह भाजपा एसटी मोर्चा के जिलाध्यक्ष रामदेव हेंब्रम ने कहा पंडित रघुनाथ मुर्मू ने कड़ी तपस्या करने के बाद ओलचिकी लिपि का आविष्कार किया था. उनकी मेहनत और बलिदान के कारण आज आदिवासी समाज अपनी भाषा और लिपि की पहचान दे पा रहा है. इसे भी पढ़ें : डुमरिया">https://lagatar.in/dumaria-the-birth-anniversary-of-pandit-raghunath-murmu-the-father-of-olchiki-script-celebrated-in-kantashol/">डुमरिया
: कांटाशोल में मनाई गई ओलचिकी लिपि के जनक पंडित रघुनाथ मुर्मू की जयंती
: कांटाशोल में मनाई गई ओलचिकी लिपि के जनक पंडित रघुनाथ मुर्मू की जयंती

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